अन्नपूर्णा माता आरती | Annapurna Aarti
॥ आरती — अन्नपूर्णा माता ॥ जय अन्नपूर्णा माता, जग के दाता सुखदाई। भोजन का जो रूप धरे, करुणा की मूरत आई॥ जय अन्नपूर्णा माता ॥ कमलासन ...
पढ़ें →आरती हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का पवित्र अंग है जिसे दीपक या कपूर की लौ से किया जाता है। प्रात:काल और संध्याकाल की आरती का विशेष महत्व है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मकता दूर होती है। यहां विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा।
॥ आरती — अन्नपूर्णा माता ॥ जय अन्नपूर्णा माता, जग के दाता सुखदाई। भोजन का जो रूप धरे, करुणा की मूरत आई॥ जय अन्नपूर्णा माता ॥ कमलासन ...
पढ़ें →॥ आरती — त्रिपुरा सुन्दरी माता ॥ जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय ललिता माता। जय करुणा की मूरत, जग भक्तन की घटा॥ जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय...
पढ़ें →॥ आरती — श्री कामाक्षी अम्मन ॥ जय कामाक्षी माता, जय जय कामाक्षी माता। ज्ञान‑कौशल्या, दीनदया, करुणा की मूरत माता। जय कामाक्षी माता, ...
पढ़ें →॥ आरती — कन्याकुमारी कुमारी अम्मन् ॥ जय कन्याकुमारी माता, जय जय कुमारी माता। सागर‑तीर की रहनुमाई, भक्तों की संकट हराता। जय कन्याक...
पढ़ें →॥ आरती — मीणाक्षी अम्मन ॥ जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मीणाक्षी अम्मन। सौन्दर्य सीता समान, करुणा अनन्त थम न। जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मी...
पढ़ें →॥ आरती — नैना देवी माता ॥ जय नैना देवी, जय जय नैना देवी। नयन दायक दया की, करुणा शिखा सवेली। जय नैना देवी, जय जय नैना देवी॥ गोबिंद सागर...
पढ़ें →॥ आरती — हिंग्लज माता ॥ जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता। जय तेजस्विनी माता, संकट हराने वाली माता। जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज ...
पढ़ें →॥ आरती — ज्वालामुखी माता (ज्वाला जी) ॥ जय ज्वाला माता, जय जय ज्वाला माता। अनल रूपा परब्रह्मा, तू दयालु दया सघाता। जय ज्वाला माता, जय ज...
पढ़ें →कलिघाट काली आरती (Kalighat Kali Aarti) ॥ आरती — कलिघाट काली माता ॥ जय काली माता, जय जय काली माता। जय करुणा की मूरत, जय भयहरिणी माता। जय काली मात...
पढ़ें →॥ करणी माता जी आरती ॥ ॐ जय अम्बे करणी, मैया जय अम्बे करणी। भक्त जनन भय संकट, पल‑छिन में हरणी ॥ ॐ जय अम्बे करणी… आदि शक्ति अविनासी, वेद...
पढ़ें →॥ आरती — कामाख्या देवी की ॥ आरती कामाख्या देवी की, जगत् उधारक सुर सेवी की ॥ आरती कामाख्या देवी की … गावत वेद पुराण कहानी, योनिरुप ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सालासर बालाजी की ॥ जयति जय जय बजरंग बाला, कृपा कर सालासर वाला ॥ चैत सुदी पूनम को जन्मे, अंजनि पवन खुशी मन में । प्रकट भए ...
पढ़ें →॥ श्री केदारनाथ आरती ॥ जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दुःख हरम। गौरी गणपति स्कन्द नन्दी, श्री केदार नमाम्यहम॥ शैल सुन्दर अति हिमालय, श...
पढ़ें →॥ श्री चित्रगुप्त आरती ॥ ॐ जय चित्रगुप्त हरे। स्वामी जय चित्रगुप्त हरे। भक्तजनों के इच्छित फल को पूर्ण करे॥ ॐ जय चित्रगुप्त हरे… ...
पढ़ें →॥ आरती — लक्ष्मण बालजती की ॥ आरती लक्ष्मण बालजती की। असुर संहारन प्राणपति की॥ जगमग ज्योति अवधपुर राजे। शेषाचल पै आप विराजे॥ आरती ...
पढ़ें →॥ भगवद् गीता आरती ॥ जय भगवद् गीते, जय भगवद् गीते। हरि‑हिय‑कमल‑विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते ॥ जय भगवद् गीते। कर्म‑सुमर्म‑प्रकाशिन...
पढ़ें →॥ करवा चौथ आरती ॥ ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नैया।। ओम जय करवा मैया। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्...
पढ़ें →श्री सीता जी की आरती आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की। आरती श्री जनक दुलारी की, सीता जी रघुवर प्यारी की। जगत जननी, जग क...
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