होम / Aarti / लक्ष्मण जी आरती | Lakshman Ji Aarti

लक्ष्मण जी आरती | Lakshman Ji Aarti

Aarti Gods Aarti
📖

परिचय

लक्ष्मणजी की आरती वीरता, भक्ति और रामभक्ति के आदर्श को स्मरित करती है। श्रद्धा‑भाव से इस आरती का पाठ या गायन करने से मन में साहस, समर्पण और आत्म‑शुद्धि का अनुभव होता है। नीचे आपकी आरती को पढ़ने‑योग्य रूप में व्यवस्थित कर दिया गया है — श्रद्धा से पढ़ें या गायें।

लक्ष्मण जी आरती | Lakshman Ji Aarti

PDF

॥ आरती — लक्ष्मण बालजती की ॥

आरती लक्ष्मण बालजती की। असुर संहारन प्राणपति की॥
जगमग ज्योति अवधपुर राजे। शेषाचल पै आप विराजे॥
आरती लक्ष्मण बालजती की…

घंटा ताल पखावज बाजे। कोटि देव मुनि आरती साजे॥
किरिट मुकुट कर धनुष विराजे। तीन लोक जाकी शोभा राजे॥
आरती लक्ष्मण बालजती की…

कंचन थार कपूर सुहाई। आरती करत सुमित्रा माई॥
आरती कीजे हरी की तैसी। ध्रुव प्रहलाद विभीषण जैसी॥
आरती लक्ष्मण बालजती की…

प्रेम मगन होय आरती गावै। बसि वैकुण्ठ बहुरि नहीं आवै॥
भक्ति हेतु हरि ध्यान लगावै। जन घनश्याम परमपद पावै॥
आरती लक्ष्मण बालजती की…