श्री रामदेव आरती (Shri Ramdev Aarti)
॥ श्री रामदेव आरती ॥ ॐ जय श्री रामादे स्वामी, जय श्री रामादे। पिता तुम्हारे अजमल, मैया मेना दे॥ ॐ जय श्री रामादे। स्वामी जय श्री रामाद...
पढ़ें →आरती हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का पवित्र अंग है जिसे दीपक या कपूर की लौ से किया जाता है। प्रात:काल और संध्याकाल की आरती का विशेष महत्व है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मकता दूर होती है। यहां विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा।
॥ श्री रामदेव आरती ॥ ॐ जय श्री रामादे स्वामी, जय श्री रामादे। पिता तुम्हारे अजमल, मैया मेना दे॥ ॐ जय श्री रामादे। स्वामी जय श्री रामाद...
पढ़ें →॥ श्री विश्वकर्मा आरती ॥ प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो, प्रभु विश्वकर्मा। सुदामा की विनय सुनी और कंचन महल बनाये। सकल पदारथ देकर प्रभ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सन्तोषी माँ ॥ जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन को, सुख‑सम्पत्ति दाता॥ जय सन्तोषी माता॥ सुन्दर चीर ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गोवर्धन महाराज की ॥ श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज — तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ। तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े — तोपे च...
पढ़ें →॥ आरती — श्री नरसिंह भगवान की ॥ ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे। स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे॥ ॐ जय नरसिंह हरे॥ तुम हो...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शनिदेव की ॥ जय जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु, छाया महतारी॥ जय जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी॥ श्या...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सूर्यदेव की ॥ जय कश्यप‑नन्दन, ॐ जय अदिति‑नन्दन। त्रिभुवन‑तिमिर‑निकन्दन, भक्त‑हृदय‑चन्दन॥ जय कश्यप‑नन्दन, ॐ जय अदित...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सत्यनारायणजी की ॥ जय लक्ष्मी रमणा, श्री जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन‑पातक हरणा॥ जय लक्ष्मी रमणा॥ रत्नजड़...
पढ़ें →॥ आरती — श्री जगदीशजी की ॥ ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे॥ जो ध्यावे फल पावे, ...
पढ़ें →॥ श्री रामायणजी की आरती ॥ आरती श्री रामायण जी की। कीरति कलित ललित सिया‑पी की॥ गावत ब्राह्मादि मुनि नारद, बाल्मीकि विज्ञान‑विशारद। ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री रामचन्द्रजी ॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्। नव कञ्ज‑लोचन, कञ्जमुख कर, कञ्ज पद कंजारुणम्॥ श्री रामच...
पढ़ें →॥ आरती — गणपति की सेवा ॥ गणपति की सेवा, मंगल मेवा; सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता, द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥ गणपति की सेवा, ...
पढ़ें →॥ आरती — गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की। सुर‑मुनि‑पूजित गणनायक की॥ आरती गजबदन विनायक की। सुर‑मुनि‑पूजित गणनायक की॥ एकदन...
पढ़ें →॥ आरती — श्री बालाजी / हनुमानजी की ॥ ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी, तुम हो रणधीर॥ ॐ जय हनुमत वीरा॥ पवनपुत्र ...
पढ़ें →॥ श्री अम्बे — जगदम्बे काली आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परवाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सत्यनारायणजी की ॥ जय लक्ष्मी रमणा, श्री लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन‑पातक हरणा॥ जय। रत्नजटित सिंहासन, अद्भु...
पढ़ें →॥ आरती — शिवजी की ॥ ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव — अर्धांगिनी धाराः॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन, चतुर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री हनुमानजी की ॥ आर्ती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ आर्ती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाक...
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