4 आदि शक्तिपीठ - हिमाचल की दिव्य शक्ति के केंद्र

हिमाचल प्रदेश में स्थित चार आदि शक्तिपीठ अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी माने जाते हैं। ये चारों शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में विशेष महत्व रखते हैं। कांगड़ा जिले में ज्वालाजी मंदिर जहां माता की ज्वाला (जिह्वा) प्रकट हुई, चिंतपूर्णी मंदिर जहां माता के चरण गिरे थे, बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर जहां माता सती के नेत्र गिरे थे और शिमला जिले में छिन्नमस्तिका देवी मंदिर। प्रत्येक मंदिर की अपनी अनोखी विशेषता है। ज्वालाजी में धरती से नौ अखंड ज्वालाएं निकलती हैं जो बिना तेल या घी के जलती रहती हैं। यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है। चिंतपूर्णी माता भक्तों की सभी चिंताएं दूर करती हैं। नैना देवी मंदिर शिवालिक पर्वत की चोटी पर स्थित है। ये चारों शक्तिपीठ हिमाचल की आध्यात्मिक शक्ति के केंद्र हैं।

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दक्षिण कालिका कालीघाट - आदि शक्तिपीठ कोलकाता | माँ काली का सर्वशक्तिमान पीठ

दक्षिण कालिका कालीघाट - 4 आदि शक्तिपीठों में चतुर्थ और कोलकाता में आदि गंगा के तट पर स्थित महाशक्तिपीठ। यहाँ माँ सती के दाहिने पैर की च...

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तारा तारिणी - आदि शक्तिपीठ गंजाम ओडिशा | ऋषिकुल्या नदी की अधिष्ठात्री देवी

तारा तारिणी - 4 आदि शक्तिपीठों में तृतीय और ओडिशा के गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी के तट पर स्थित महाशक्तिपीठ। यहाँ माँ सती के दोनों स्त...

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विमला देवी - आदि शक्तिपीठ पुरी ओडिशा | जगन्नाथ धाम की अधिष्ठात्री देवी

विमला देवी - 4 आदि शक्तिपीठों में द्वितीय और पुरी के जगन्नाथ मंदिर परिसर में स्थित महाशक्तिपीठ। यहाँ माँ सती की नाभि गिरी थी। जगन्नाथ ...

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कामाख्या देवी - आदि शक्तिपीठ असम | 52 शक्तिपीठों में सर्वश्रेष्ठ महाशक्तिपीठ

कामाख्या देवी - 52 शक्तिपीठों में सर्वश्रेष्ठ और 4 आदि शक्तिपीठों में प्रथम। असम में नीलाचल पर्वत पर स्थित यह महाशक्तिपीठ माँ सती की यो...

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