महागौरी माता आरती (Mahagauri Mata Aarti)
॥ आरती — देवी महागौरी जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय महागौरी, जग की माया, जय उमा भवानी, जय महामाया। (जय महागौरी माता॥) हरिद्वार‑कनखल के पासा, म...
पढ़ें →आरती हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का पवित्र अंग है जिसे दीपक या कपूर की लौ से किया जाता है। प्रात:काल और संध्याकाल की आरती का विशेष महत्व है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मकता दूर होती है। यहां विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा।
॥ आरती — देवी महागौरी जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय महागौरी, जग की माया, जय उमा भवानी, जय महामाया। (जय महागौरी माता॥) हरिद्वार‑कनखल के पासा, म...
पढ़ें →॥ आरती — देवी कालरात्रि जी की (दोहा‑शैली) ॥ कालरात्रि जय‑जय महाकाली, काल के मुख से बचाने वाली। दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा, महाचंडी ते...
पढ़ें →॥ आरती — देवी कात्यायनी जी (दोहा‑शैली) ॥ जय जय अम्बे, जय कात्यायनी, जय जग माता, जग की महारानी। (जय कात्यायनी माता॥) बैजनाथ स्थान तुम्...
पढ़ें →॥ आरती — देवी स्कन्दमाता जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय तेरी हो स्कन्द माता, पांचवां नाम तुम्हारा आता। सबके मन की जान हारी, जग जननी सबकी महतार...
पढ़ें →॥ आरती — देवी कूष्मण्डा जी की (दोहा‑शैली) ॥ कूष्मण्डा जय जग सुखदानी, मुझ पर दया करो महारानी। पिङ्गला ज्वालामुखी निराली, शाकम्बरी मा...
पढ़ें →॥ आरती — देवी चन्द्रघण्टा जी की (दोहा‑शैली) ॥ जय माँ चन्द्रघण्टा, सुख धाम पूर्ण कीजो मेरे काम। चन्द्र समाज तू शीतल दाती, चन्द्र तेज क...
पढ़ें →॥ आरती — देवी ब्रह्मचारिणी जी की ॥ जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता, जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो, ज्ञान सभी को सिख...
पढ़ें →॥ आरती — देवी शैलपुत्री जी (दोहा‑शैली) ॥ शैलपुत्री माँ बैल असवार, करें देवता जय‑जयकार। शिव‑शंकर की प्रिय भवानी, तेरी महिमा किसी ने न...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शाकम्भर अम्बा जी की ॥ हरि ॐ, श्री शाकम्भर अम्बा जी की आरती कीजो। ऐसो अद्भुत रूप हृदय धर लीजो, शताक्षी दयालु की आरती कीजो...
पढ़ें →॥ आरती — श्री राधा माता जी की (दोहा‑शैली) ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की, मञ्जुल मूर्ति मोहन ममता की। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गौमाताजी की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्व धैय्या की। आरती श्री गैय्या मैंय्या की...। अर्थकाम सद्धर्म ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शीतला माता (दोहा‑शैली) ॥ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता। ॐ जय शीतला माता...। रतन सि...
पढ़ें →॥ आरती — श्री तुलसी जी की ॥ जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर, रुज से रक्षा करके भव त्राता। जय जय ...
पढ़ें →॥ श्री पार्वती माता जी की आरती ॥ जय पार्वती माता, जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥ जय पार्वती माता॥ अरिकुल पद्म वि...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गंगाजी ॥ ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गंगे माता॥ चन्द्र‑सी ज्योति तुम...
पढ़ें →॥ आरती — श्री वैष्णो देवी ॥ जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता। हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥ जय वैष्णवी माता॥ शीश पे छत्र विर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सरस्वती जी ॥ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता॥ चन्द्रवद...
पढ़ें →॥ आरती — श्री अम्बे गौरी की ॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु‑कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥ जय अम्बे गौरी॥ ब्रह्माणी रुद्राण...
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