ब्रह्मचारिणी माता आरती (Brahmacharini Mata Aarti)
॥ आरती — देवी ब्रह्मचारिणी जी की ॥ जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता, जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो, ज्ञान सभी को सिख...
पढ़ें →विभिन्न देवी‑देवताओं और अवसरों के लिए समेकित आरती संग्रह — पाठ, संहिता और पारंपरिक समय के अनुसार आरती‑सूची।
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॥ आरती — देवी ब्रह्मचारिणी जी की ॥ जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता, जय चतुरानन प्रिय सुख दाता। ब्रह्मा जी के मन भाती हो, ज्ञान सभी को सिख...
पढ़ें →॥ आरती — देवी शैलपुत्री जी (दोहा‑शैली) ॥ शैलपुत्री माँ बैल असवार, करें देवता जय‑जयकार। शिव‑शंकर की प्रिय भवानी, तेरी महिमा किसी ने न...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शाकम्भर अम्बा जी की ॥ हरि ॐ, श्री शाकम्भर अम्बा जी की आरती कीजो। ऐसो अद्भुत रूप हृदय धर लीजो, शताक्षी दयालु की आरती कीजो...
पढ़ें →॥ आरती — श्री राधा माता जी की (दोहा‑शैली) ॥ आरती श्री वृषभानुसुता की, मञ्जुल मूर्ति मोहन ममता की। त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि, विमल...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गौमाताजी की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्व धैय्या की। आरती श्री गैय्या मैंय्या की...। अर्थकाम सद्धर्म ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शीतला माता (दोहा‑शैली) ॥ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता। ॐ जय शीतला माता...। रतन सि...
पढ़ें →॥ आरती — श्री तुलसी जी की ॥ जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर, रुज से रक्षा करके भव त्राता। जय जय ...
पढ़ें →॥ श्री पार्वती माता जी की आरती ॥ जय पार्वती माता, जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥ जय पार्वती माता॥ अरिकुल पद्म वि...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गंगाजी ॥ ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गंगे माता॥ चन्द्र‑सी ज्योति तुम...
पढ़ें →॥ आरती — श्री वैष्णो देवी ॥ जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता। हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता॥ जय वैष्णवी माता॥ शीश पे छत्र विर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सरस्वती जी ॥ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता॥ चन्द्रवद...
पढ़ें →॥ आरती — श्री अम्बे गौरी की ॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु‑कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥ जय अम्बे गौरी॥ ब्रह्माणी रुद्राण...
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