परिचय
हिंग्लज माता आरती | Hinglaj Mata Aarti
॥ आरती — हिंग्लज माता ॥
जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता।
जय तेजस्विनी माता, संकट हराने वाली माता।
जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता।
मातु तेरी महिमा अपर, भवसागर पार करावे।
भक्तों के कष्ट हरावे, अनुग्रह स्वरूप दास पे टरे।
जय हिंग्लज माता…
गुफा धाम की पावन भुमि, जहाँ तेरे चरण धरे।
तेरे नाम से जग जग उजला, अंधकार सब मिटे रहे।
जय हिंग्लज माता…
लाल वस्त्र, दीप और फूल, चढ़े जो तेरी चरणों पर।
भक्तों की हर पीड़ा छूटी, मिले जीवन को नव आधार।
जय हिंग्लज माता…
देवी सती की शक्ति तुम, भक्तों की शरण न्यारी।
दुःख आप से दूर होते, कृपा की हो साधु न्यारी।
जय हिंग्लज माता…
अग्नि‑ज्योति समान तेज, करुणा का तू भण्डार।
जो भी तेरा नाम लेंगे, पायेंगे कल्याण अपार।
जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता।