परिचय
ज्वालामुखी आरती | Jwalamukhi (Jwala) Aarti
॥ आरती — ज्वालामुखी माता (ज्वाला जी) ॥
जय ज्वाला माता, जय जय ज्वाला माता।
अनल रूपा परब्रह्मा, तू दयालु दया सघाता।
जय ज्वाला माता, जय जय ज्वाला माता॥
तेरी ज्वालाएँ चट्टान से, अनंत प्रकाश फैलाएँ।
भक्तों के दुःख और भय सब, तुरन्त ही हराएँ।
जय ज्वाला माता…
ज्योतिर्मयी, अद्भुत आलोक, संकट हरने वाली।
अश्रु सुखाकर जीवन में, आशीष सदा लाली।
जय ज्वाला माता…
जो भी तेरे चरणों में आता, दीन दुःख उसका मिटे।
मनोकामना सिद्ध करे तू, प्रेम से सबको सीने।
जय ज्वाला माता…
त्रिशूल धारिणी, तेज प्रतापिनी, करुणा अनूपा भारी।
भक्तों के प्राण रक्षा कर, बन जा जीवन की डोरी।
जय ज्वाला माता…
ज्वालामुखी के धाम में जहाँ, लौ अमर जग में चमके।
जो तेरा नाम ले या आरती गावे, पापों के पातल दमके।
जय ज्वाला माता…
माँ अनन्त, माँ अपरंपार, कृपा कर दया बरसाओ।
भक्तों की पीड़ा हरि दे, अभय का वर दान दो।
जय ज्वाला माता, जय जय ज्वाला माता।