श्री लक्ष्मी अष्टक (Namastestu Mahā Māye) | Lakshmi Ashtakam — मंत्र, अर्थ व उपयोग
नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ।। 1 ।। नमस्ते गरुडध्वजायै सुरासुरप्रियाय च । न...
पढ़ें →माता देवी के स्तुति‑मंत्र, स्तोत्र और स्तुति पद्धतियाँ—शक्ति, समृद्धि व परिवारिक कल्याण हेतु विनीत पाठ और अर्थ के साथ।
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नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते । शङ्खचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोऽस्तु ते ।। 1 ।। नमस्ते गरुडध्वजायै सुरासुरप्रियाय च । न...
पढ़ें →ॐ महालक्ष्म्यै विद्महे महाप्रभवायै धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥ Transliteration: Om Mahālakshmyai Vidmahe Mahāprabhavāyai Dhīmahi Tanno Lakshmī Prachodayāt उपयोग: ध्यान, बुद्धि‑...
पढ़ें →ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः ॥ Transliteration: Om Shreem Hreem Kleem Mahālakshmyai Namah उपयोग / जप: समृद्धि व वैभव के लिए सबसे सामान्य बीज‑मंत्र। 108 या 1080 माला‑...
पढ़ें →चामुंडा बीज (Chamunda / Chandika Navarna) ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ उपयोग: भय, बाधा निवारण और शक्ति‑संकल्प के लिए। दुं बीज (Durga bija) ॐ दुं दुर्ग...
पढ़ें →मंत्र: माँ गायत्री (Maa Gayatri) ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ इस मंत्र का हिंदी में मतल...
पढ़ें →श्री शुभ ॥ श्री लाभ ॥ श्री गणेशाय नमः॥ नमस्तेस्तू महामाये श्रीपिठे सूरपुजिते । शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते ॥१॥ नमस्ते...
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