वट सावित्री व्रत कथा और विधि | सावित्री सत्यवान की पूर्ण कहानी
🌿 वट सावित्री व्रत कथा और पूजन विधि 🌿 **व्रत का समय और महत्व:** वट सावित्री का पवित्र व्रत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को...
पढ़ें →हिंदू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित प्राचीन भारतीय कैलेंडर प्रणाली है। पंचांग से शुभ मुहूर्त, व्रत, त्योहार और धार्मिक अनुष्ठानों की जानकारी मिलती है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का विशेष महत्व है।
🌿 वट सावित्री व्रत कथा और पूजन विधि 🌿 **व्रत का समय और महत्व:** वट सावित्री का पवित्र व्रत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को...
पढ़ें →🌸कार्तिक मास की पंचमी की एक कथा🌸 कार्तिक के महीने में अनेक कथाएं सुनाई जाती हैं, परन्तु यह कथा विशेष रूप से सुनाई जाती है। किसी गाँव...
पढ़ें →धरती माता की कहानी - भाई बहन की पवित्र कथा प्राचीन काल की बात है। एक गांव में एक विधवा माँ रहती थी। उसके दो बच्चे थे - एक बेटा और एक बेटी, ...
पढ़ें →ब्राह्मणी और धर्मराज की कथा - वैकुण्ठ का मार्ग प्राचीन काल में एक ब्राह्मणी थी। वह अत्यंत धर्मपरायण और दानशील थी। जब उसकी मृत्यु हुई ...
पढ़ें →एक वृद्ध महिला थी जो बहुत व्रत-उपवास और नियम पालन करती थी। एक दिन यमराज के दूत उन्हें लेने आए। वृद्धा उनके साथ परलोक को चल दी। मार्ग में...
पढ़ें →एक गाँव में एक साहुकार के सात बेटे और एक बेटी थी। सातों भाई और बहन में बहुत प्यार था। करवा चौथ के दिन सेठानी ने सातों बहुओं और बेटी के सा...
पढ़ें →कार्तिक महीने में सब औरतें तुलसी माता को सींचने जाती । सब तो सींच कर आतीं परन्तु एक बुढ़िया आती और कहती कि हे तुलसी माता ! सब की दाता मैं ...
पढ़ें →प्राचीन समय में एक गाँव था जिसमें दो बहने रहा करती थी. एक बहन का नाम गंगा था तो दूसरी बहन का नाम जमुना था. एक बार दोनों बहने एक साहूकार के ...
पढ़ें →किसी गाँव में एक साहूकार था और उसका एक बेटा व बहू भी थे. बहू कार्तिक माह में रोज सवेरे उठकर गंगा स्नान के लिए जाती थी. सुबह जल्दी जाते समय...
पढ़ें →एक शहर में देवरानी जेठानी रहती थी । देवरानी गरीब थी और जेठानी अमीर थी । देवरानी गणेश जी की भक्त थी। देवरानी का पति जंगल से लकड़ी काट कर ब...
पढ़ें →एक गांव में एक साहूकार रहता था। साहूकार के एक बेटी थी । वह हर रोज पीपल सींचने जाती थी । पीपल के वृक्ष में से लक्ष्मी जी प्रकट होती थी और च...
पढ़ें →एक साहूकार की दो बेटियाँ थीं। दोनों बेटियाँ पूर्णिमा का व्रत रखती थीं। बड़ी बेटी पूर्ण व्रत करती थी, पर छोटी बेटी अधूरा व्रत रखती थी। ...
पढ़ें →जाटका—भाटका की कहानी | विश्राम देवता की कहानी | नगर बसेरा की कहानी विश्राम देवता के समय किसी गाँव में एक भाटका और एक जाटका रहते थे; दो...
पढ़ें →गणेश जी की खीर कथा (Ganesh ji Ki Kheer Katha) एक बार गणेश जी एक छोटे बालक के रूप में चिमटी में चावल और चमचे में दूध लेकर निकले। वो हर किसी से कह रहे थे कि ...
पढ़ें →एक साहूकार और एक साहूकारनी थे। वह धर्म पुण्य को नहीं मानते थे। इसके कारण उनके कोई बच्चा नहीं था। एक दिन साहूकारनी पडोसी के घर गयी। उस द...
पढ़ें →एक लपसी था और एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोज़ सवा सेर की लपसी बनाकर भगवान का भोग लगाकर ग्रहण कर लेता थ...
पढ़ें →एक शहर में देवरानी जेठानी रहती थी । देवरानी गरीब थी और जेठानी अमीर थी । देवरानी गणेश जी की भक्त थी। देवरानी का पति जंगल से लकड़ी काट कर ब...
पढ़ें →तिल चौथ की कहानी – किसी शहर में एक सेठ – सेठानी रहते थे । उनके कोई भी संतान नहीं थी । इससे दोनों जने दुःखी रहते थे । एक बार सेठानी ने पड...
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