होम / Aarti / मीणाक्षी अम्मन आरती | Meenakshi (Madurai) Aarti

मीणाक्षी अम्मन आरती | Meenakshi (Madurai) Aarti

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
📖

परिचय

मीणाक्षी अम्मन का मंदिर (Meenakshi Amman Temple) तमिलनाडु के मदुरै शहर में स्थित एक प्राचीन और अत्यन्त प्रमुख हिंदू मंदिर है। यह मंदिर माँ मीणाक्षी (पार्वती का स्वरूप) और भगवान सुन्दरशिव (शिव) को समर्पित है और अपनी भव्य नवरंग शिल्पकला, विशाल गोपुरम (वतर्पा‑मीनारों) और वार्षिक “मीणाक्षी तिरुकल्यानम्” (शादी उत्सव) के लिए विख्यात है। मंदिर दक्षिण‑भारतीय नवरत्न वास्तुकला और तमिल धार्मिक‑साँस्कृतिक परंपरा का केन्द्रीय केंद्र माना जाता है — श्रद्धालु यहाँ दर्शन, वरदान और मनोकामना‑सिद्धि की आशा से आते हैं। आरती के समय पारम्परिक दीप, पुष्प और थिरुवजूद (तमिल अनुष्ठान) का प्रयोग होता है; आरती‑पाठ में माँ के सौन्दर्य, करुणा और संकटहरण का गुणगान प्रमुख होता है।

मीणाक्षी अम्मन आरती | Meenakshi (Madurai) Aarti

PDF

॥ आरती — मीणाक्षी अम्मन ॥

जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मीणाक्षी अम्मन।
सौन्दर्य सीता समान, करुणा अनन्त थम न।
जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मीणाक्षी अम्मन॥

कमल मुख, मीन नेत्र, विभूषित जवाहर शोभा।
धरा‑अम्बर पूजें तुझे, हर दुःख कर देहो नाशा।
जय मीणाक्षी अम्मन…

सुनहरे गोपुरम तले, भक्तों की उमड़ी टोली।
सुन्दरशिव संग जयोत, प्रेम की ज्योति हो रोती।
जय मीणाक्षी अम्मन…

नटराज नृत्य की संतति, पवित्र प्रसाद का वास।
भक्ति जो तेरा नाद गावे, मिल जाय जीवन में प्रकाश।
जय मीणाक्षी अम्मन…

सर्व सुखदायी माता, संकट हरने वाली।
भक्त जनों की शरण को, कर दे दयालु स्वीकार।
जय मीणाक्षी अम्मन…

तिरुकल्यान की गूँज में, वधू‑वर मन मोहित हो।
जो भी तेरे चरणों में आये, पावें कल्याण अपार हो।
जय मीणाक्षी अम्मन…

माँ के चरणों में मस्तक टेक, प्राप्त हो शांति अति।
भक्ति भाव से आरती करो, मिले आशीष अनन्त सति।
जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मीणाक्षी अम्मन।