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नागपूशनी माता आरती – समुद्र तट की दिव्य शक्ति

नागपूशनी माता से जुड़ा शक्तिपीठ समुद्री क्षेत्र से संबंधित माना जाता है। यहाँ देवी की पायल गिरने की कथा प्रचलित है। नागपूशनी माता की आरती भय निवारण और सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है।

📅 25 Oct, 2025 📖 Aarti 👁️ Views: 960
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परिचय

नागपूशनी माता को समुद्री और नाग‑संबंधी परंपराओं में विशेष स्थान प्राप्त है; कुछ पारंपरिक सूचियों में Sri Lanka के किसी पवित्र स्थान को नागपूशनी से जोड़ा जाता है और यहाँ देवी की पायल (anklet) के गिरने की कथा बताई जाती है। भक्त यहाँ माँ से सुरक्षा, परिवारिक कल्याण और शत्रु‑निवारण के लिए आते हैं। आरती‑समय दीप, मंत्र और पुष्प‑समर्पण के साथ भक्तों का भारी संकलन दिखाई देता है।

नागपूशनी आरती | Nagapooshani (Sri Lanka) Aarti

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आरती — नागपूशनी माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)

जय नागपूशनी माता, करुणा की मूरत न्यारी।
पायल तेरी पवित्र जो गिरी, बनी भूमि यहाँ प्रयारी॥ जय माता ॥

समुद्र‑तीर की छांव में, तेरा स्तुति‑सूर सलोना।
नाग‑रज्जु सी तेरी शक्ति, हर भय हर दुःख होना रोना॥ जय माता ॥

दीप जला कर करें हम आरती, पुष्प चढ़ाएँ मन लगाकर।
तेरी शरण में आकर भक्त, पावें जीवन का आधार अपर॥ जय माता ॥

माँ! कर दो प्रसन्नता, रक्षा करो सब पर दया से।
नागपूशनी की कृपा बनी रहे, मिटे सब कष्ट बिना व्यथा से॥ जय नागपूशनी माता — जय जय माता॥

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