चालीसा संग्रह - चालीस पदों की दिव्य स्तुति

चालीसा में चालीस छंदों में देवी-देवता की स्तुति की जाती है। हनुमान चालीसा सबसे लोकप्रिय है। गणेश, शिव, राम, कृष्ण, दुर्गा और लक्ष्मी चालीसा भी प्रसिद्ध हैं। चालीसा पाठ करने से मन में शांति आती है और भक्ति में वृद्धि होती है।

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नवग्रह चालीसा | Navgrah Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री गणपति ग़ुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय, नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय जय, जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज, जयति राह...

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सीता माता चालीसा | Sita Mata Chalisa

॥ दोहा ॥ बन्दौ चरण सरोज निज जनक लली सुख धाम, राम प्रिय किरपा करें सुमिरौं आठों धाम। कीरति गाथा जो पढ़ें सुधरैं सगरे काम, मन मन्दिर बासा क...

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लड्डूगोपाल चालीसा | Laddugopal Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल ॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी,दुष्ट दलन लीला अवतार...

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श्री श्याम चालीसा (Shree Shyam Chalisa)

॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भणत हूँ,रच चैपाई छन्द॥ ॥ चौपाई ॥ श्याम श्याम भजि बारम्बारा।सहज ही हो ...

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श्री पितर चालीसा (Shree Pitar Chalisa)

॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको,दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो,रखदो सिर पर हाथ॥ सबसे पहले गणपत,पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर दय...

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श्री शारदा चालीसा (Shree Sharda Chalisa)

॥ दोहा ॥ मूर्ति स्वयंभू शारदा,मैहर आन विराज। माला, पुस्तक, धारिणी,वीणा कर में साज॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय शारदा महारानी।आदि शक्ति तुम जग कल्...

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