परिचय
त्रिपुरा सुन्दरी आरती | Tripura Sundari / Lalita Peeth Aarti
॥ आरती — त्रिपुरा सुन्दरी माता ॥
जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय ललिता माता।
जय करुणा की मूरत, जग भक्तन की घटा॥
जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय ललिता माता।
कमलासन सुभूषित तेरी, मणि मुकुट शोभित भारी।
श्रीचक्र रूप धारिणी, करुणा अनंत अपारी।
जय त्रिपुरा सुन्दरी…
त्रिपुरा के धाम की तू, आराध्या माँ अनोखी।
भक्तन की हर पीड़ा तू, कर दे तर्जनी से रोकी।
जय त्रिपुरा सुन्दरी…
ललिता‑सहस्रनाम गुणगान, मंत्रों से जो करे नमन।
श्रीविद्या का जो रक्षक, भक्त के हृदय को धन।
जय त्रिपुरा सुन्दरी…
त्रिगुण शुद्धि करावे, मोक्ष‑मार्ग की दे राह।
जो तेरे चरण धरें सदा, मिटे सब क्लेश भाग।
जय त्रिपुरा सुन्दरी…
नयन तुम्हारे तेजोमय, वक्षस्थल में करुणा भारी।
दुःख हरने वाली माता, वरदान दे जीवन सवारी।
जय त्रिपुरा सुन्दरी…
शाक्ति स्वरूप त्रिपुरा, लोकनाथ त्रिभुवन प्यारी।
भक्ति भाव से जो गावे, पावे माता की दियारी।
जय त्रिपुरा सुन्दरी…
भक्तों के हिरदय में रहो, कृपा कर दया बनकर।
हम सब पर अपना वर दओ, संकट मिटा कर धनकर।
जय त्रिपुरा सुन्दरी, जय जय ललिता माता।