परिचय
कन्याकुमारी / कुमारी अम्मन् आरती | Kanyakumari / Kumari Amman Aarti
॥ आरती — कन्याकुमारी कुमारी अम्मन् ॥
जय कन्याकुमारी माता, जय जय कुमारी माता।
सागर‑तीर की रहनुमाई, भक्तों की संकट हराता।
जय कन्याकुमारी माता, जय जय कुमारी माता॥
सौम्य चित, तेजस्विनी तू, करुणा की मूरत न्यारी।
कन्या रूप शुद्ध तुमहारी, कृपा करो संबल हमारी।
जय कन्याकुमारी माता…
विवेकानन्द के धाम समीप, तेरे चरण पावन स्थान।
भक्तों के उद्धार हेतु तुम, दीन दयालु मूरत महान।
जय कन्याकुमारी माता…
तीर्थ‑सागर संग मिलन जहाँ, उदय‑सूरज का जो निहार।
वो दृष्य तेरा प्रसिद्ध करे, भक्ति रस में करे उद्धार।
जय कन्याकुमारी माता…
त्रिशूल धारी न नहीं परन्तु, शक्ति का तू प्रतीक भारी।
कष्ट मिटे तेरे नाम ले, पावे भक्त अनन्त कल्याणी।
जय कन्याकुमारी माता…
लाल वस्त्र, पुष्प चढ़ाएँ, दीप से करें अर्चना।
जो तेरे चरणों में शीश झुकाए, पावें जीवन की रक्षा।
जय कन्याकुमारी माता…
माँ अनंत, माँ अपरंपार, दया कर आशीष दे।
हम सब पर अपनी दया करो, संकटों से मुक्त कर दे।
जय कन्याकुमारी माता, जय जय कुमारी माता।