संपूर्ण आरती संग्रह - भक्ति और श्रद्धा की पावन ज्योति

हिंदू धर्म में पूजा-अर्चना के समापन पर आरती करने का विशेष महत्व है। आरती न केवल ईश्वर की स्तुति है, बल्कि यह भक्त के अंतर्मन को दिव्यता और शांति से भर देती है। "आराधना" (Aradhana) पोर्टल पर हमने आपके लिए सभी प्रमुख देवी-देवताओं की आरतियों का एक विशाल और शुद्ध संग्रह संकलित किया है। यहाँ श्री गणेश, महादेव, माँ दुर्गा और श्री हनुमान सहित सभी देवताओं की आरतियाँ उनके गहरे अर्थ और सही उच्चारण के साथ उपलब्ध हैं। आरती की लौ जिस प्रकार अंधकार को दूर करती है, उसी प्रकार इन आरतियों का श्रद्धापूर्वक गान आपके जीवन से नकारात्मकता को मिटाकर सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। हमारी कोशिश है कि हम आपको भक्ति का एक ऐसा अनुभव प्रदान करें जो आपकी दैनिक पूजा को और भी अधिक अर्थपूर्ण बनाए।

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भुवनेश्वरी आरती | Bhuvaneshwari Aarti

॥ आरती — भुवनेश्वरी माता ॥ जय भुवनेश्वरी माता, जग की पालक प्यारी। करुणा की छाया फैला, दीनों की तू सहकारी। भुवन‑नवनीता, जगत की तू देव...

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बगलामुखी आरती | Baglamukhi (Datia) Aarti

॥ आरती — बगलामुखी माता ॥ जय बगलामुखी माता, दया करो निर्मल रूप। शत्रु जो करें विघ्नकारी, तुम करो उनका संहार रूप॥ जय माता ॥ तेरे नाम क...

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सावित्री आरती | Savitri (Kurukshetra) Aarti

आरती — सावित्री माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ) जय सावित्री माता, कुरुक्षेत्र की तुम धरा। सीधे पैर का पवित्र टखना, बनी यहाँ देवी की शरणा...

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अमरनाथ आरती | Amarnath Aarti

आरती — अमरनाथ माता (एक भक्ति‑पाठ) जय अमरनाथ माता, करुणा की अमर छाया। हिमशिखर के गर्भ में तू, भक्ति का उजियारा सामा॥ जय अमरनाथ माता ॥ ...

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कलिघाट काली आरती | Kalighat Kali Aarti

॥ आरती — कलिघाट काली माता ॥ जय काली माता, जय जय काली माता। कलिघाट के चरणों में, दीनों की माँ प्यारी माता। जय काली माता, जय जय काली माता...

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