श्री हनुमान चालीसा ( Shree Hanuman Chalisa )
॥ दोहा ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार ब...
पढ़ें →भगवानों के लिए रचित चालीसाएँ (राम, कृष्ण आदि)—भक्ति‑पाठ, अर्थ और पारंपरिक लाभ के साथ।
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॥ दोहा ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार ब...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू — मंगल भरण करण शुभः...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई / बाण (सुसंगत रूप में) ॥ जय हनुमन्त सन...
पढ़ें →॥ चौपाई ॥ श्री रघुबीर भक्त हितकारी — सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी। निशि‑दिन ध्यान धरै जो कोई — ता सम् भक्त और नहीं होई। ध्यान धरें ...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अंग। पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय सविता जय जयति दिवाकर — सहस्...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला — सदा करत...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु क...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल, पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन छवि, कृष्णचन्द्र महाराज। करहु क...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ विष्णु सुनिए विनय, सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूँ, दीजै ज्ञान बताय॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ नमो विष्णु भगवान खरारी — कष्ट नश...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ जय ब्रह्मा, जय स्वयम्भू — चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै — रहहु सदा अनुकूल॥ तुम सृजक ब्रह्माण्ड के — अज विधि घाता...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गुरु पद नमन करि, गिरा गणेश मनाय। कथूं रामदेव विमल यश, सुने पाप विनशाय॥ द्वार केश से आय कर, लिया मनुज अवतार। अजमल गेह बधाव...
पढ़ें →॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज छवि, निज मन मन्दिर धारि। सुमरि गजानन शारदा, ग्रहि आशिष त्रिपुरारि॥ बुद्धिहीन जन जानिये, अवगुणों का भण्डा...
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