Bindayak Ji Katha ( बिंदायक जी कथा )
गणेश विनायक जी की कथा (Ganesh Vinayak Ji ki katha)
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भादवा चौथ माता की व्रत कथा | Bhadwa Chauth Mata ki vrat katha
भादवा चौथ माता की व्रत कथा | Bhadwa Chauth Mata ki vrat katha
एक समय की बात है, एक ब्राह्मण था जिसकी एक संतान और बहू थी। उनका जीवन
बिन्दायक जी की कथा (Bindaayak Ji ki katha) ( Magh Mahina माघ महीना )
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बिंदायक जी की कहानी Bindayak Ji Ki Kahani ( Kartik Mahina कार्तिक महीना )
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Vinayak Ji Ki Kahani विनायक जी की कहानी ( Bhadrapad Mahina भाद्रपद महीना )
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बिंदायक जी की कहानी (Bindaayak Ji ki kahani)
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Aarti ( आरती )
जय अम्बे गौरी : आरती (Jai Ambe Gauri : Aarti)
॥ आरती श्री अम्बा जी ॥ जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी॥ जय अम्बे गौरी माँग सिन्दूर विराजत,टीको मृगमद को। उज्जवल से दोउ नैना,चन्द्रवदन नीको॥
आरती कुंजबिहारी की (Kunj Bihari Aarti)
आरती कुंजबिहारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला। गगन
श्री हनुमान जी की आरती (Shree Hanuman Ji Ki Aarti)
॥ आरती श्री हनुमानजी ॥ आरती कीजै हनुमान लला की।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई।सन्तन के प्रभु
श्री जाहरवीर आरती (Shri Jaharveer Aarti)
॥ आरती श्री जाहरवीर जी की ॥ जय जय जाहरवीर हरे,जय जय गूगा वीर हरे धरती पर आ करकेभक्तों के दुख दूर करे॥ जय जय जाहरवीर हरे॥ जो कोई भक्ति
आरती श्री कल्लाजी राठौड़ (Aarti of Shri Kallaji Rathore)
।। कला जी राठौड़ आरती ।। जय राठौड़ कला, स्वामी जय राठौड़ कला। विघ्न हरण कल्याणी, गौरी शंभू लला ।।जय।। क्षत्रिय पदम दिवाकर, करुणा निधि प्यारे । मेदपाट मणि भूषण,
श्री गणेश आरती (Shree Ganesh Aarti)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश


Mantra ( मंत्र )
शिव मंत्र (Shiva Mantras)
Shiva Moola Mantra ॐ नमः शिवाय॥ Maha Mrityunjaya Mantra ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ Rudra Gayatri Mantra ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
श्री गायत्री मंत्र (Gyatri mata Mantra)
मंत्र: माँ गायत्री (Maa Gayatri) ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्यः धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ इस मंत्र का हिंदी में मतलब है – हे प्रभु, कृपा करके हमारी
Krishnaya Vasudevaya Haraye Paramatmane Shloka
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने॥ प्रणत: क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नम:॥
कल्लाजी राठौड़ मंत्र (Kallaji Rathod Mantra)
“ॐ अचल सुताय विधमहे कृष्णा वल्लभाय धीमहि तन्नो कल्ला प्रचोदयात !!!”
महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjay Mantra)
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥ महा मृत्युंजय मंत्र का अक्षरशः अर्थ – त्रयंबकम: त्रि-नेत्रों वाला (कर्मकारक) यजामहे: हम पूजते हैं,सम्मान करते हैं,हमारे श्रद्देय। सुगंधिम: मीठी
ब्रह्म गायत्री मन्त्र (Brahma Gayatri Mantra)
ब्रह्म गायत्री मन्त्र ॐ एक दन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ति प्रचोदयात् ।। ॐ नारायणा विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ।। ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो


Chalisa ( चालीसा )
श्री हनुमान जी की आरती (Shree Hanuman Ji Ki Aarti)
॥ आरती श्री हनुमानजी ॥ आरती कीजै हनुमान लला की।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई।सन्तन के प्रभु
श्री दुर्गा चालीसा ( Shri Durga Chalisa )
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला । नेत्र लाल भृकुटि विकराला ॥ रूप मातु
श्री कल्ला चमत्कार चालीसा (Shri Kalla ji Chalisa)
श्री कल्ला राठोड जय , जय जय कृपा निधान ! जयति जयति जन वरद ,परभू करहु जगत कल्याण !! जयति जयति जय जय रणधीर ! कारज सुखद वीर गंभीरा !
श्री गणेश चालीसा (Shree Ganesh Chalisa)
॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू।मंगल भरण करण शुभः काजू॥ जै गजबदन सदन
श्री संतोषी माता चालीसा (Shree Santoshi Mata Chalisa)
॥ दोहा ॥ श्री गणपति पद नाय सिर,धरि हिय शारदा ध्यान। सन्तोषी मां की करुँ,कीरति सकल बखान॥ ॥ चौपाई ॥ जय संतोषी मां जग जननी।खल मति दुष्ट दैत्य दल हननी॥
श्री श्याम चालीसा (Shree Shyam Chalisa)
॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भणत हूँ,रच चैपाई छन्द॥ ॥ चौपाई ॥ श्याम श्याम भजि बारम्बारा।सहज ही हो भवसागर पारा॥ इन सम देव न


Bhajan (भजन)
कल्लाजी हेलो (kallaji helo)
॥ जय माँ नागणेचा ॥ ॥ श्री ॥ ॥ जय श्री कल्ला बावजी ॥ जय श्री कल्याण कँवर जी कँवरा धूप के धुंआड़े बेगा आवजो जरणी
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल
छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल बिच में मेरो मदन गोपाल छोटी छोटी गैया छोटे छोटे ग्वाल कारी कारी
श्री शेषावतार 1008 श्री कल्लाजी भोग-भजन ( आरती ) Shri Sheshavatar 1008 Shri Kallaji Bhog-Bhajan (Aarti)
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मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है बिन मांगे हे
श्री कल्लाजी का आह्वान (Kallaji’s Aahvaan)
श्री कल्लाजी का आह्वान माने दरशन दिजो जी के माने दरशन दिजो जी के ॥ कलजूग ₹ कल्याण रे कारण जनम लियो जगधाम गौ रक्षक गातरोड़ रे लारे नित रहवे
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाये
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाये जुबां पे राधा राधा राधा नाम हो जाये जब गिरते हुए मैंने तेरा नाम लिया है जब गिरते हुए मैंने तेरा नाम लिया है
घर में पधारो गजानन जी मेरे घर में पधारो
घर में पधारो गजानन जी मेरे घर में पधारो घर में पधारो गजानन जी मेरे घर में पधारो रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा मेरे घर में पधारो राम जी आना
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो
देखो देखो ये गरीबी,ये गरीबी का हाल कृष्ण के दर पे विश्वास लेके आया हूँ मेरे बचपन का यार है.. मेरा श्याम, यही सोच कर मै आस कर के आया
तीर्थ स्थान (Pilgrimage Places)
रिंगस भैरव बाबा | Ringas Bhairav Baba
रिंगस के भैरव बाबा को खाटू श्याम जी के क्षेत्रपाल देवता माना जाता है। जानिए उनकी कथा, पूजा विधि, दर्शन का महत्व और क्यों खाटू यात्रा से पहले यहाँ दर्शन
सलासर बालाजी मंदिर | Salasar Balaji Mandir
सलासर बालाजी मंदिर राजस्थान में स्थित एक चमत्कारी हनुमान मंदिर है। जानिए इसकी पौराणिक कथा, दर्शन समय, महत्त्व और यहाँ होने वाले चमत्कारों के बारे में।
खाटू श्याम जी कथा | Khatu Shyam Ji Katha
खाटू श्याम जी को हारे का सहारा कहा जाता है। जानें उनकी महाभारत से जुड़ी कथा, श्रीकृष्ण का वरदान और राजस्थान के खाटू मंदिर का महत्व।