परिचय
सिद्धिविनायक आरती | Siddhivinayak (Siddhivinayak Ganesh) Aarti
॥ आरती — श्री सिद्धिविनायक गणपति ॥
जय सिद्धिविनायक गणराज, विघ्नहर्ता जग के उर में।
करुणा की दिव्य प्रतिमा तू, हटा दे दुख‑वेदना हर जिन्दगी में॥
ओं गण गणपतये नमः, जय गणपति बप्पा मोर।
त्रिपुंडी, मूषक वाहन तेरे, कर दे जीवन उजियारा भोर॥
संकट में जो तेरा नाम ले, पावें सहाय सदा त्वरित।
भक्तजन की जो करे दिशा, दूजे को दे तू परित्राणचित॥
दीप जलाएँ, भजन गाएँ, चढ़ाएँ पुष्प और फुलवारी।
सिद्धिविनायक कर दया कर, दे हमें सुख, दे मोक्ष की ज्वारी॥
जय श्री सिद्धिविनायक, जय गणपति बप्पा की शप्ति छूटे।
भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण हो, कर दे जीवन में सच्चा सूत॥
जय गणेशा — जय सिद्धिविनायक — हरि ओम जय गणनाथ नमो नमः॥