सिद्धिविनायक आरती | Siddhivinayak (Siddhivinayak Ganesh) Aarti
॥ आरती — श्री सिद्धिविनायक गणपति ॥ जय सिद्धिविनायक गणराज, विघ्नहर्ता जग के उर में। करुणा की दिव्य प्रतिमा तू, हटा दे दुख‑वेदना हर ज...
पढ़ें →भगवानों (राम, कृष्ण, शिव, गणेश इत्यादि) के लिए आरतियों का संकलन—कार्य‑शुभारम्भ व दैनिक पूजा हेतु।
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॥ आरती — श्री सिद्धिविनायक गणपति ॥ जय सिद्धिविनायक गणराज, विघ्नहर्ता जग के उर में। करुणा की दिव्य प्रतिमा तू, हटा दे दुख‑वेदना हर ज...
पढ़ें →॥ आरती — श्री जगन्नाथ महाराज ॥ जय जगन्नाथ महाराज, जय बालभद्र सखा प्यारे। सुभद्रा माता संग तेरे, त्रिमूर्ति की रति न्यारे। ओं नमो ना...
पढ़ें →॥ आरती — श्री वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) ॥ जय श्री वेंकटेश्वर, जय बालाजी प्रभु। श्रीसन्निधि में बसे, करुणा के सुमन तुम रुचि॥ जय वें...
पढ़ें →॥ श्री खाटू श्यामजी की आरती ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥ रतन जड़...
पढ़ें →जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणे...
पढ़ें →॥ आरती — कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी) ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला, बजावै मुर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री हनुमानजी की ॥ आर्ती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ आर्ती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाक...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शनिदेव की ॥ जय जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु, छाया महतारी॥ जय जय श्री शनिदेव, भक्तन हितकारी॥ श्या...
पढ़ें →॥ आरती — शिवजी की ॥ ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव — अर्धांगिनी धाराः॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन, चतुर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री नरसिंह भगवान की ॥ ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे। स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे॥ ॐ जय नरसिंह हरे॥ तुम हो...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सत्यनारायणजी की ॥ जय लक्ष्मी रमणा, श्री लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन‑पातक हरणा॥ जय। रत्नजटित सिंहासन, अद्भु...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गोवर्धन महाराज की ॥ श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज — तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ। तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े — तोपे च...
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