सिद्धिविनायक आरती | Siddhivinayak (Siddhivinayak Ganesh) Aarti
श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का एक अत्यंत प्रतिष्ठित तिर्थ‑स्थल है जहाँ गणपति बप्पा की विशेष रूप से आराधना की जाती है। सिद्धिविना...
पढ़ें →राम, कृष्ण, शिव, गणेश और हनुमान जी की आरती दैनिक पूजा में की जाती है। प्रत्येक भगवान की आरती में उनकी महिमा, गुण और लीलाओं का वर्णन होता है। कार्य शुभारंभ और विशेष अवसरों पर भगवान की आरती अत्यंत शुभ मानी जाती है।
श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का एक अत्यंत प्रतिष्ठित तिर्थ‑स्थल है जहाँ गणपति बप्पा की विशेष रूप से आराधना की जाती है। सिद्धिविना...
पढ़ें →पुरी के श्रीमंदिर में विराजमान श्री जगन्नाथ, बलीभद्रा और सुभद्रा त्रिमूर्ति के रूप में भक्तों के अतिप्रिय हैं। जगन्नाथ को विष्णु/कृ...
पढ़ें →तिरुपति (Tirupati) अंड्र प्रदेश/तेलंगाना सीमा पर स्थित एक अत्यंत प्रमुख विष्णु‑तीर्थ है, जहाँ श्री वेंकटेश्वर (Balaji) की पूजा होती है। यहाँ रोज...
पढ़ें →॥ श्री खाटू श्यामजी की आरती ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥ रतन जड़ित ...
पढ़ें →श्री नरसिंह भगवान की आरती उनके तेजस्वी, दीनदया और दुष्ट-विनाशक अवसर का गुणगान है — इसे श्रद्धा से पढ़ने पर भय और संकटों से मुक्ति की प्...
पढ़ें →आरती कुंजबिहारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल झल...
पढ़ें →सालासर बालाजी — भगवान हनुमान के उस लोक‑प्रिय रूप का नाम है जिसकी मुख्य मूर्ति सालासर (राजस्थान) में प्रतिष्ठित है और जहाँ दूर‑दूर से श...
पढ़ें →॥ आरती श्री हनुमानजी ॥ आरती कीजै हनुमान लला की।दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे।रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्...
पढ़ें →ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतुराननपञ्चानन राजे। हंसासन गर...
पढ़ें →जय लक्ष्मीरमणा, श्री लक्ष्मीरमणा। सत्यनारायण स्वामी जन-पातक-हरणा।।जय.।।टेक।। रत्नजटित सिंहासन अद्भुत छबि राजै। नारद करत निराजन घं...
पढ़ें →!! ॐ जय हनुमत वीरा !! ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा । संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा ॥ ॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ पवन पुत्र अंजनी सूत, महिमा ...
पढ़ें →जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश ...
पढ़ें →॥ आरती गजबदन विनायक की ॥ आरती गजबदन विनायक की।सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥ आरती गजबदन विनायक की।सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥ आरती गजबदन वि...
पढ़ें →॥ आरती श्री गणपति जी ॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा,सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता,द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥ गणपति की सेवा मंगल ...
पढ़ें →॥ आरती श्री रामचन्द्रजी ॥ श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन,हरण भवभय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख करकंज पद कंजारुणम्॥ श्री रामचन्द्र कृप...
पढ़ें →श्री रामायणजी की आरती श्रीराम-भक्ति और रामायण के महत्त्व का संक्षिप्त स्तुति‑पाठ है। यह आरती रामचरित मानस और श्रीराम के गुणों का गुण...
पढ़ें →॥ आरती श्री जगदीशजी ॥ ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे। जो ध्यावे फल पावे, दुःख वि...
पढ़ें →श्री सत्यनारायणजी की आरती श्री सत्यनारायण (सत्यस्वरूप नारायण) की आराधना‑स्तुति है। यह आरती कथा‑पूजन और घरेलू पूजा में विशेष रूप से प...
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