आरती संग्रह - देवी-देवताओं की पवित्र आरती

आरती हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का पवित्र अंग है जिसे दीपक या कपूर की लौ से किया जाता है। प्रात:काल और संध्याकाल की आरती का विशेष महत्व है। आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मकता दूर होती है। यहां विभिन्न देवी-देवताओं की संपूर्ण आरती संग्रह मिलेगा।

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एकादशी आरती (Ekadashi Aarti)

॥ आरती — एकादशी माता की ॥ ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता॥ विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता॥ ॐ जय एकादशी… तेर...

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श्री भैरव आरती (Shri Bhairav ​​Aarti)

॥ श्री भैरव आरती ॥ सुनो जी भैरव लाड़िले, कर जोड़ कर विनती करूँ। कृपा तुम्हारी चाहिए, मैं ध्यान तुम्हारा ही धरूँ। मैं चरण छुता आपके, अर...

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महादेव आरती (Mahadev aarti)

॥ आरती — श्री शिवशंकर जी की ॥ हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥ हर हर हर महादेव! ...

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शनिवार आरती (Saturday Aarti)

॥ आरती — श्री शनि देव की ॥ जय शनि देवा, जय शनि देवा, जय जय जय शनि देवा। अखिल सृष्टि में कोटि‑कोटि जन करें तुम्हारी सेवा। जय शनि देवा&hellip...

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शुक्रवार आरती (Friday aarti)

॥ आरती — श्री संतोषी माता की ॥ जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता। अपने सेवक जन को, सुख सम्पत्ति दाता॥ जय संतोषी माता॥ सुन्दर चीर स...

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गुरुवार आरती (Thursday Aarti)

॥ आरती — श्री बृहस्पति जी की ॥ ऊँ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन‑छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा॥ ऊँ जय बृहस्पति देवा॥ तुम पूर...

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बुधवार आरती (Wednesday Aarti)

॥ आरती — श्री कृष्ण जी की ॥ आरती युगल किशोर की कीजै, तन‑मन‑धन न्यौछावर कीजै॥ गौरश्याम मुख निखरन लीजै, हरि का स्वरूप नयन भरे पीजै॥ र...

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मंगलवार आरती (Tuesday Aarti)

॥ आरती — श्री हनुमानजी की ॥ आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांके। अंज...

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सोमवार आरती (Monday Aarti)

॥ आरती — श्री शिवजी की ॥ ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन चतु...

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रविवार आरती (Sunday Aarti)

॥ आरती — श्री सूर्य जी की ॥ जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन। त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन॥ जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्द...

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राणी सती की आरती (Aarti of Queen Sati)

॥ आरती — श्री राणी सती जी की ॥ जय श्री राणी सती मैया, जय जगदम्ब सती जी। अपने भक्तजनों की दूर करो विपती॥ जय श्री राणी सती मैया। अपनि अ...

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