होम / Aarti / नैना देवी आरती | Naina Devi Aarti

नैना देवी माता आरती का महत्व

नैना देवी माता की आरती करुणा और रक्षा की भावना से ओतप्रोत है। श्रद्धा से आरती करने पर माता अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं।

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

नैना देवी का प्रसिद्ध मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में गोबिंद सागर की पहाड़ियों पर स्थित है और यह स्थान स्थानीय रूप से अत्यंत पवित्र माना जाता है। लोकश्रुति के अनुसार इसे शक्ति‑पीठों से जोड़ा जाता है — कहा जाता है कि देवी सती के नयन (नैना) का अंश यहीं गिरा था, इसलिए यह स्थान ‘नैना देवी’ के नाम से विख्यात हुआ। मंदिर से गोबिंद सागर और आसपास की हिमालयी घाटियों का द्वि‑दृश्य अत्यंत मनोरम दिखता है और श्रद्धालु यहाँ आशिर्वाद, संकट‑निवारण और मनोकामना‑सिद्धि की कामना लेकर आते हैं। आरती के समय दीप, पुष्प और भजन‑संगीत के साथ माता की स्तुति की जाती है; भक्तजन यहाँ माँ की करुणा और रक्षा के लिए समर्पण भाव के साथ आते हैं।

नैना देवी आरती | Naina Devi Aarti

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॥ आरती — नैना देवी माता ॥

जय नैना देवी, जय जय नैना देवी।
नयन दायक दया की, करुणा शिखा सवेली।
जय नैना देवी, जय जय नैना देवी॥

गोबिंद सागर के तट पर, पहाड़ियों की वंदना।
तेरे ही चरणों से प्रकाश, मिटे सब दुख की अश्रुना।
जय नैना देवी…

शक्ति रूपा जग में माता, संकट हरने वाली।
भक्तों के हृदय को तूने, दिया है आशा प्याली।
जय नैना देवी…

नयन जिनमें बसा करुणा, नयन जिनसे जग जग भरे।
जो भी तेरे नाम ले ले, जीवन में सुख भर देरे।
जय नैना देवी…

त्रिशूल धारी, जटा विभूषित, तेजस्विनी अनूपा।
भक्तों के भय हारे तुझ पर, वरदान दे कर दृष्टी रूपा।
जय नैना देवी…

जो भी तेरे दर पहुँचें, शरण में जो तेरे आवें।
नमन करूँ मैं तुझे माता, करुणा के पट पावें।
जय नैना देवी…

जय नैना देवी, भवभय हरलानी माता।
जय नैना देवी, करुणासागर, दयालु माता।
जय नैना देवी, जय जय नैना देवी॥