देवी चालीसा संग्रह - मातृ शक्ति की स्तुति

देवी चालीसा मातृ शक्ति को समर्पित चालीस छंदों की रचनाएं हैं। दुर्गा, काली, लक्ष्मी और सरस्वती चालीसा प्रमुख हैं। देवी चालीसा नवरात्रि और शुक्रवार को पढ़ना विशेष शुभ है। चालीसा पढ़ने से घर में सुख-शांति आती है और परिवार की रक्षा होती है।

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श्री गंगा चालीसा (Shri Ganga Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरी गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय जय जननी हराना अघखानी — आनंद कर...

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श्री काली चालीसा (Shree Kali Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के, निशदिन हृदय निकुंज॥ जयति कपाली कालिका, कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वर...

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श्री राधा चालीसा (Shri Radha Chalisa)

॥ दोहा ॥ श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार। वृन्दावनविपिन विहारिणी, प्रणवों बारंबार॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम। च...

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