परिचय
महागौरी माता आरती (Mahagauri Mata Aarti)
॥ आरती — देवी महागौरी जी की (दोहा‑शैली) ॥
जय महागौरी, जग की माया, जय उमा भवानी, जय महामाया।
(जय महागौरी माता॥)
हरिद्वार‑कनखल के पासा, महागौरी तेरा वहाँ निवासा।
(जय महागौरी माता॥)
चन्द्रकली और ममता अम्बे, जय शक्ति, जय माता जगदम्बे।
(जय महागौरी माता॥)
भीमा देवी, विमला माता, कौशिक देवी, जग विख्याता।
(जय महागौरी माता॥)
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा, महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।
(जय महागौरी माता॥)
सती हवन कुंड में जलाया, उसी धुएँ ने रूप काली बनाया।
(जय महागौरी माता॥)
बना धर्म सिंह जो सवारी, शंकर ने त्रिशूल दिखलाया।
तभी माँ ने महागौरी नाम पाया, शरण आने वाले का संकट मिटाया॥
(जय महागौरी माता॥)
शनिवार को तेरी पूजा जो करता, माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता।
(जय महागौरी माता॥)
भक्त बोलो, सोच क्या रहे हो, महागौरी माँ तेरी हरदम जय हो।
(जय महागौरी माता॥)