परिचय
चन्द्रघण्टा माता आरती (Chandraghanta Mata Aarti)
॥ आरती — देवी चन्द्रघण्टा जी की (दोहा‑शैली) ॥
जय माँ चन्द्रघण्टा, सुख धाम पूर्ण कीजो मेरे काम।
चन्द्र समाज तू शीतल दाती, चन्द्र तेज किरणों में समाती॥
जय माँ चन्द्रघण्टा॥
मन की मालक, मन भाती हो, चन्द्रघण्टा तुम वर दाती हो।
सुन्दर भाव को लाने वाली, हर संकट में बचाने वाली॥
जय माँ चन्द्रघण्टा॥
हर बुधवार को तुझे ध्यायें, श्रद्धा सहित तो विनय सुनायें।
मूर्ति चन्द्र आकार बनाए, सन्मुख घी की ज्योत जलायें॥
जय माँ चन्द्रघण्टा॥
शीश झुका कहे मन की बात, पूर्ण आस करो जगत दाता।
कांचीपुर स्थान तुम्हारा, भक्त शीश निहोरे माता॥
जय माँ चन्द्रघण्टा॥
नाम तेरा रटूँ महारानी, भक्त की रक्षा करो भवानी।
मनोकामना पूर्ण करदे माँ, हरि‑शिव की आराध्या भवानी॥
जय माँ चन्द्रघण्टा॥