होम / Aarti / स्कन्दमाता माता आरती (Skandamata Mata Aarti)

स्कन्दमाता माता आरती (Skandamata Mata Aarti)

Aarti Goddesses Aarti Navadurga Aarti Collection
📖

परिचय

स्कन्दमाता नवरात्रि के पाँचवें दिन की पूजा की जाने वाली देवी हैं — वे कार्तिकेय (स्कन्द/कुमार) की माता हैं और साहस, मातृत्व व ऐक्य‑शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनकी आराधना से मातृसीना‑आशिर्वाद, शक्ति, मानसिक स्थिरता और परिवार में कल्याण की प्राप्ति की कामना की जाती है। श्रद्धा‑भाव, दीप‑आरती, पुष्प‑भोग और मंत्र‑जप के साथ उनकी पूजा करने पर भक्तों को संकट से सुरक्षा और मनोकामना‑सिद्धि का आशीर्वाद मिलता है। नीचे आरती को दोहा‑शैली में व्यवस्थित किया गया है — श्रद्धा से पढ़ें या गायें।

स्कन्दमाता माता आरती (Skandamata Mata Aarti)

PDF

॥ आरती — देवी स्कन्दमाता जी की (दोहा‑शैली) ॥

जय तेरी हो स्कन्द माता, पांचवां नाम तुम्हारा आता।
सबके मन की जान हारी, जग जननी सबकी महतारी॥

तेरी जोत जलाता रहूँ मैं, हरदम तुझे ध्याता रहूँ मैं।
कई नामों से तुझे पुकारा, मुझे एक है तेरा सहारा॥

कहीं पहाड़ों पर है डेरा, कई शहरों में तेरा बसेरा।
हर मन्दिर में तेरे नजारे, गुण गाए तेरे भक्त प्यारे॥

भक्ति अपनी मुझे दिला दो, शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो।
इन्द्र आदि देव मिल सारे, करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥

दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए, तू ही खण्ड हाथ उठाए।
दासों को सदा बचाने आई, भक्त की आस पूरने आई॥

जय स्कन्दमाता, जय मातर, सर्वदु:ख नाशिनी भवानी।
शरणागत तेरा दास हूँ मैं, कृपा कर माँ स्वीकार पानी॥