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सिद्धिदात्री माता आरती - सर्वसिद्धि प्रदान करने वाली देवी की वंदना

नवरात्रि के नवम दिन पूजित माँ सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों की दात्री हैं। उनकी आरती करने से साधक को कार्यसिद्धि, मानसिक शुद्धि और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई यह आराधना जीवन की बाधाओं को दूर करती है।

📅 21 Oct, 2025 📖 Aarti 👁️ Views: 430
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परिचय

देवी सिद्धिदात्री नवरात्रि के नवमें दिन की पूजनीय माता हैं — वे सर्वसिद्धि देने वाली परमशक्ति हैं। जिन पर श्रद्धा से भक्ति की जाती है, उनकी कृपा से कष्ट निवारण, कार्यसिद्धि और आध्यात्मिक शुद्धि होती है। श्रद्धा‑भाव से आरती पढ़ें/गायें और कुछ समय ध्यान व मंत्र‑जप में लगाएं।

सिद्धिदात्री माता आरती (Siddhidatri Mata Aarti)

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॥ आरती — देवी सिद्धिदात्री जी की (दोहा‑शैली) ॥

जय सिद्धिदात्री माँ, तू सिद्धि की दाता।
तु भक्तों की रक्षक, तू दासों की माता॥
जय सिद्धिदात्री माता॥

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि, तेरे नाम से मन की होती शुद्धि।
कठिन कार्य तू सिद्ध करै, सेवक के सिर जब रखे हाथ तुझी॥
जय सिद्धिदात्री माता॥

तेरी पूजा में न कोई बाधा, तू जगदम्बे दाती सर्वसिद्धि।
रविवार जो तेरा सुमिरन करे, पूरै हों सब उसके मनोवृत्ति॥
जय सिद्धिदात्री माता॥

जो तेरी मूर्ति मन में ध्याये, तू हर काज उसको पूरा करे।
कभी रह न पायें उसके काम अधूरे, तेरा दयालु आंचल सदा ढके॥
जय सिद्धिदात्री माता॥

तेरी माया और तेरी कृपा, राखे भक्त पर मातृछाया।
जो तेरे दर का भागी बने, भवसागर से होवे उसका उद्धार जा॥
जय सिद्धिदात्री माता॥

हिमाचल है तेरा आवास, महानंदा मन्दिर तेरा स्थान।
भक्ति मेरी तेरे चरणों में, मिल जाये जो भक्त को समस्त वरदान॥
जय सिद्धिदात्री माता॥

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