Search
Search

Fri Apr 4, 2025

10:06:03

Search

Fri Apr 4, 2025

10:06:03

श्री साईं बाबा आरती (Shri Sai Baba Aarti)

॥ श्री साईं बाबा आरती ॥
आरती श्री साईं गुरुवर की,परमानन्द सदा सुरवर की ।

जा की कृपा विपुल सुखकारी,दु:ख शोक, संकट, भयहारी ॥

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।

शिरडी में अवतार रचाया,चमत्कार से तत्व दिखाया ।

कितने भक्त चरण पर आये,वे सुख शान्ति चिरंतन पाये ॥

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।

भाव धरै जो मन में जैसा,पावत अनुभव वो ही वैसा ।

गुरु की उदी लगावे तन को,समाधान लाभत उस मन को ॥

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।

साईं नाम सदा जो गावे,सो फल जग में शाश्वत पावे ।

गुरुवासर करि पूजा-सेवा,उस पर कृपा करत गुरुदेवा ॥

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।

राम, कृष्ण, हनुमान रुप में,दे दर्शन, जानत जो मन में ।

विविध धर्म के सेवक आते,दर्शन कर इच्छित फल पाते ॥

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।

जै बोलो साईं बाबा की,जै बोलो अवधूत गुरु की ।

‘साईंदास’ आरती को गावै,घर में बसि सुख, मंगल पावे ॥

आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।

Share with friends

Category

हिंदू कैलेंडर

Mantra (मंत्र)

Bhajan (भजन)

Scroll to Top