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महादेव आरती (Mahadev aarti)

भोलेनाथ की आरती मन को शांति और भक्ति से सराबोर कर देती है। शिव जी की स्तुति से जीवन के कठिन संकट भी टल जाते हैं। आराधना पोर्टल पर उपलब्ध महादेव आरती का नियमित पाठ करने से आत्मिक शक्ति मिलती है। पूरी श्रद्धा से भगवान शिव का ध्यान कर यह आरती गाएं और उनकी असीम कृपा प्राप्त करें।

Aarti Gods Aarti
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परिचय

महादेव—शिवशंकर—हिंदू धर्म के सर्वशक्तिमान, विनाशक और आद्ययोगी रूप हैं। वे संहार के साथ साथ पालन और मोक्ष के भी दाता माने जाते हैं। उनकी आरती श्रद्धा, आत्मसंयम और भक्ति से की जाती है; इसे पढ़ते या गाते समय मन को शांत रखें, दीप और फूल अर्पित करें तथा कुछ समय ध्यान में लगाने से आराधना अधिक फलदायी होती है।

महादेव आरती (Mahadev aarti)

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॥ आरती — श्री शिवशंकर जी की ॥

हर हर हर महादेव!

सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी।
अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥
हर हर हर महादेव!

आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी।
अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी॥
हर हर हर महादेव!

ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम त्रिमूर्तिधारी।
कर्ता, भर्ता, धर्ता, तुम ही संहारी॥
हर हर हर महादेव!

रक्षक, भक्षक, प्रेरक, प्रिय औढरदानी।
साक्षी, परम अकर्ता, कर्ता अभिमानी॥
हर हर हर महादेव!

मणिमय-भवन निवासी, अति भोगी रागी।
सदा श्मशान विहारी, योगी वैरागी॥
हर हर हर महादेव!

छाल-कपाल, गरल-गल, मुण्डमाल व्याली।
चिता भस्मतन त्रिनयन, अयनमहाकाली॥
हर हर हर महादेव!

प्रेत-पिशाच-सुसेवित, पीत जटाधारी।
विवसन विकट रूपधर, रुद्र प्रलयकारी॥
हर हर हर महादेव!

शुभ्र-सौम्य, सुरसरिधर, शशिधर, सुखकारी।
अतिकमनीय, शान्तिकर, शिवमुनि मन-हारी॥
हर हर हर महादेव!

निर्गुण, सगुण, निरञ्जन, जगमय नित्य प्रभो।
कालरूप केवल हर! कालातीत विभो॥
हर हर हर महादेव!

सत्‌, चित्‌, आनन्द, रसमय, करुणामय धाता।
प्रेम-सुधा-निधि प्रियतम, अखिल विश्व त्राता॥
हर हर हर महादेव!

हम अतिदीन, दयामय! चरण-शरण दीजै।
सब विधि निर्मल मति कर, अपना कर लीजै॥
हर हर हर महादेव!