कार्तिक मास - दीपदान और तुलसी पूजन का समय

कार्तिक मास अक्टूबर-नवंबर में आता है और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का समय है। इस माह में दीपदान और तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा और तुलसी विवाह का पर्व भी मनाया जाता है। प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है।

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कार्तिक माह में गंगा-जमुना की कहानी (Ganga-Jamuna Kartik Maas Katha)

प्राचीन समय में एक गाँव था जिसमें दो बहने रहा करती थी. एक बहन का नाम गंगा था तो दूसरी बहन का नाम जमुना था. एक बार दोनों बहने एक साहूकार के ...

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पंच भीखू की कहानी (Panch Bhikhu Ki Kahani)

किसी गाँव में एक साहूकार था और उसका एक बेटा व बहू भी थे. बहू कार्तिक माह में रोज सवेरे उठकर गंगा स्नान के लिए जाती थी. सुबह जल्दी जाते समय...

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लपसी तपसी की कहानी ( कथा )

एक लपसी था और एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोज़ सवा सेर की लपसी बनाकर भगवान का भोग लगाकर ग्रहण कर लेता थ...

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आंवला नवमी की कथा (Amla Navmi Katha)

एक राजा था, उसका प्रण था वह रोज सवा मन आंवले दान करके ही खाना खाता था। इससे उसका नाम आंवलया राजा पड़ गया। एक दिन उसके बेटे बहू ने सोचा कि र...

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बिंदायक जी की कहानी Bindayak Ji Ki Kahani ( Kartik Mahina कार्तिक महीना )

एक अन्धी बुढ़िया माई के बेटाव बहू थे । वे लोग बहुत गरीब थे । बुढ़िया माई रोज गणेश जी की पूजा करती थी । एक दिन गणेश जी उससे प्रसन्न हुये ओर...

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