राई दामोदर की कथा - कार्तिक मास की पवित्र कहानी
🌸कार्तिक मास की पंचमी की एक कथा🌸 कार्तिक के महीने में अनेक कथाएं सुनाई जाती हैं, परन्तु यह कथा विशेष रूप से सुनाई जाती है। किसी गाँव...
पढ़ें →कार्तिक मास अक्टूबर-नवंबर में आता है और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों का समय है। इस माह में दीपदान और तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा और तुलसी विवाह का पर्व भी मनाया जाता है। प्रदोष व्रत विशेष फलदायी होता है।
🌸कार्तिक मास की पंचमी की एक कथा🌸 कार्तिक के महीने में अनेक कथाएं सुनाई जाती हैं, परन्तु यह कथा विशेष रूप से सुनाई जाती है। किसी गाँव...
पढ़ें →ब्राह्मणी और धर्मराज की कथा - वैकुण्ठ का मार्ग प्राचीन काल में एक ब्राह्मणी थी। वह अत्यंत धर्मपरायण और दानशील थी। जब उसकी मृत्यु हुई ...
पढ़ें →एक वृद्ध महिला थी जो बहुत व्रत-उपवास और नियम पालन करती थी। एक दिन यमराज के दूत उन्हें लेने आए। वृद्धा उनके साथ परलोक को चल दी। मार्ग में...
पढ़ें →एक गाँव में एक साहुकार के सात बेटे और एक बेटी थी। सातों भाई और बहन में बहुत प्यार था। करवा चौथ के दिन सेठानी ने सातों बहुओं और बेटी के सा...
पढ़ें →कार्तिक महीने में सब औरतें तुलसी माता को सींचने जाती । सब तो सींच कर आतीं परन्तु एक बुढ़िया आती और कहती कि हे तुलसी माता ! सब की दाता मैं ...
पढ़ें →प्राचीन समय में एक गाँव था जिसमें दो बहने रहा करती थी. एक बहन का नाम गंगा था तो दूसरी बहन का नाम जमुना था. एक बार दोनों बहने एक साहूकार के ...
पढ़ें →किसी गाँव में एक साहूकार था और उसका एक बेटा व बहू भी थे. बहू कार्तिक माह में रोज सवेरे उठकर गंगा स्नान के लिए जाती थी. सुबह जल्दी जाते समय...
पढ़ें →एक गांव में एक साहूकार रहता था। साहूकार के एक बेटी थी । वह हर रोज पीपल सींचने जाती थी । पीपल के वृक्ष में से लक्ष्मी जी प्रकट होती थी और च...
पढ़ें →एक लपसी था और एक तपसी था। तपसी हमेशा भगवान की तपस्या में लीन रहता था। लपसी रोज़ सवा सेर की लपसी बनाकर भगवान का भोग लगाकर ग्रहण कर लेता थ...
पढ़ें →एक गूज़री थी । उसने अपनी बहू से कहा कि तू दूध – दही बेच आ । तो वह दूध – दही बेचने गई । कार्तिक महीना था । वहां पर सब औरतें पीपल सींचने आत...
पढ़ें →एक राजा था, उसका प्रण था वह रोज सवा मन आंवले दान करके ही खाना खाता था। इससे उसका नाम आंवलया राजा पड़ गया। एक दिन उसके बेटे बहू ने सोचा कि र...
पढ़ें →एक अन्धी बुढ़िया माई के बेटाव बहू थे । वे लोग बहुत गरीब थे । बुढ़िया माई रोज गणेश जी की पूजा करती थी । एक दिन गणेश जी उससे प्रसन्न हुये ओर...
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