कन्याकुमारी / कुमारी अम्मन् आरती | Kanyakumari / Kumari Amman Aarti
॥ आरती — कन्याकुमारी कुमारी अम्मन् ॥ जय कन्याकुमारी माता, जय जय कुमारी माता। सागर‑तीर की रहनुमाई, भक्तों की संकट हराता। जय कन्याक...
पढ़ें →देवी माता की आरती विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा और शुक्रवार के दिन की जाती है। दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती और काली माता की आरती से घर में सुख-समृद्धि आती है। माता की आरती करने से परिवार की रक्षा होती है और संतान को आशीर्वाद मिलता है।
॥ आरती — कन्याकुमारी कुमारी अम्मन् ॥ जय कन्याकुमारी माता, जय जय कुमारी माता। सागर‑तीर की रहनुमाई, भक्तों की संकट हराता। जय कन्याक...
पढ़ें →॥ आरती — मीणाक्षी अम्मन ॥ जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मीणाक्षी अम्मन। सौन्दर्य सीता समान, करुणा अनन्त थम न। जय मीणाक्षी अम्मन, जय जय मी...
पढ़ें →॥ आरती — नैना देवी माता ॥ जय नैना देवी, जय जय नैना देवी। नयन दायक दया की, करुणा शिखा सवेली। जय नैना देवी, जय जय नैना देवी॥ गोबिंद सागर...
पढ़ें →॥ आरती — हिंग्लज माता ॥ जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज माता। जय तेजस्विनी माता, संकट हराने वाली माता। जय हिंग्लज माता, जय जय हिंग्लज ...
पढ़ें →॥ आरती — ज्वालामुखी माता (ज्वाला जी) ॥ जय ज्वाला माता, जय जय ज्वाला माता। अनल रूपा परब्रह्मा, तू दयालु दया सघाता। जय ज्वाला माता, जय ज...
पढ़ें →कलिघाट काली आरती (Kalighat Kali Aarti) ॥ आरती — कलिघाट काली माता ॥ जय काली माता, जय जय काली माता। जय करुणा की मूरत, जय भयहरिणी माता। जय काली मात...
पढ़ें →॥ श्री गायत्रीजी की आरती ॥ जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मार्ग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥ जयति जय गायत्री माता॥ ...
पढ़ें →॥ आरती — जय अम्बे गौरी ॥ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि‑ब्रह्मा‑शिवरी॥ जय अम्बे गौरी॥ मांग सिंदूर व...
पढ़ें →॥ आरती — श्री लक्ष्मीजी की ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि‑विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गंगाजी ॥ ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥ ॐ जय गंगे माता॥ चन्द्र‑सी ज्योति तुम...
पढ़ें →॥ श्री अम्बे — जगदम्बे काली आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परवाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आर...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सन्तोषी माँ ॥ जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता। अपने सेवक जन को, सुख‑सम्पत्ति दाता॥ जय सन्तोषी माता॥ सुन्दर चीर ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री अम्बे गौरी की ॥ चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु‑कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥ जय अम्बे गौरी॥ ब्रह्माणी रुद्राण...
पढ़ें →॥ आरती — श्री सरस्वती जी ॥ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय सरस्वती माता॥ चन्द्रवद...
पढ़ें →॥ श्री पार्वती माता जी की आरती ॥ जय पार्वती माता, जय पार्वती माता। ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥ जय पार्वती माता॥ अरिकुल पद्म वि...
पढ़ें →॥ आरती — श्री तुलसी जी की ॥ जय जय तुलसी माता, सबकी सुखदाता वर माता। सब योगों के ऊपर, सब रोगों के ऊपर, रुज से रक्षा करके भव त्राता। जय जय ...
पढ़ें →॥ आरती — श्री शीतला माता (दोहा‑शैली) ॥ जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता। आदि ज्योति महारानी, सब फल की दाता। ॐ जय शीतला माता...। रतन सि...
पढ़ें →॥ आरती — श्री गौमाताजी की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की, आरती हरनि विश्व धैय्या की। आरती श्री गैय्या मैंय्या की...। अर्थकाम सद्धर्म ...
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