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भुवनेश्वरी माता आरती – सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की जननी

भुवनेश्वरी माता को सम्पूर्ण सृष्टि की पालनकर्ता माना जाता है। वे करुणा और संतुलन की देवी हैं। उनकी आरती जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है।

📅 25 Oct, 2025 📖 Aarti 👁️ Views: 2874
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परिचय

भुवनेश्वरी (Bhuvaneshwari) देवी ब्रह्मांड की मातृ‑शक्ति का विस्तृत, सहृदय और सबको समेटने वाला रूप मानी जाती हैं — जो संसार (bhūvan) की पालक हैं। पारंपरिक सूचियों में इनके शक्ति‑पीठ के कई स्थान स्थानीय परंपराओं में सूचीबद्ध दिखते हैं, इसलिए कभी‑कभी लोकेशन “various” यानी कई स्थानों पर दर्ज मिलता है। भक्त भुवनेश्वरी से जगत्‑कर्णप्रिय शांति, सद्भाव और जीवन‑सुरक्षा की कामना करते हैं; आरती में श्रद्धा, दीप और स्तुति‑गीत प्रमुख होते हैं।

भुवनेश्वरी आरती | Bhuvaneshwari Aarti

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॥ आरती — भुवनेश्वरी माता ॥

जय भुवनेश्वरी माता, जग की पालक प्यारी।
करुणा की छाया फैला, दीनों की तू सहकारी।
भुवन‑नवनीता, जगत की तू देवी विशाल,
तेरी महिमा गाये जन, कर दे पापों का नाश हलाल॥

त्वमेव जगदङ्गना, करुणामयी, करुणामयी सदा,
तेरे चरणों की शरण में मिटे दुःख और घोर बाधा।
दीप जला कर करें आरती, पुष्प अर्पित मन से हम,
भुवनेश्वरी माता कृपा करो—देओ जीवन को शुभ कर्म॥

तुम ही समस्त ब्रह्माण्ड की, धरा‑व्यूह की रचना।
तेरी वंदना से मिले मान, पावें भक्तों को रक्षा।
जय भुवनेश्वरी माता, धरा पर उन्नति लाना,
तुम्हारे नाम का जाप कर, दिल में नई आशा जगाना॥

जय जय भुवनेश्वरी माता — करुणा करो, कर दो उद्धार।
जय भुवनेश्वरी माता — सर्वदा श्री जी का अपार नमस्कार॥

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