परिचय
हिंगुला / हिंगलाज आरती | Hingula / Hinglaj Aarti
जय हिंगुला माता, हृदय की दया अविरल।
पर्वत‑तट की तेरी छवि, भक्तों का रखवाला महाविरल॥ जय माता ॥
तेरे शिर से पवित्र धरा बनी, शिव‑स्तुति का धन्य राग।
आओ जो तेरे चरणों में झुकें, मिटे उनकी हरि̄काग।॥ जय हिंगुला माता ॥
दीप जलाएँ, धूप करें, पुष्प अर्पित कर मन से।
करुणा कर माँ दया करो, दूर करो विपदा सभी से॥ जय माता ॥
हाथ जोड़कर करते हम भजन, गूँजे नाम तेरा बारम्बार।
हिंगुलाज की महिमा अनंत, दे हमें जीवन में दे उजियार॥ जय हिंगुला माता — जय जय माता॥