होम / Aarti / हिंगुला / हिंगलाज आरती | Hingula / Hinglaj Aarti

हिंगुला माता आरती – प्राचीन शक्तिपीठ की दिव्यता

हिंगुला या हिंगलाज माता का धाम प्राचीन शक्तिपीठों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहाँ देवी का सिर गिरा था। हिंगुला माता की आरती सुरक्षा, साहस और आशीर्वाद की अनुभूति कराती है।

📅 25 Oct, 2025 📖 Aarti 👁️ Views: 848
📖

परिचय

हिंगुला या हिंगलाज (Hinglaj) पवित्र शक्ति‑पीठों में से एक माना जाता है और यह पाकिस्तान के Makran तट के नजदीक स्थित है। यहाँ का प्राचीन मंदिर और मेला (Hinglaj Mela) क्षेत्रीय और अंतरप्रांतीय श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। परंपरा के अनुसार यह स्थल देवी सती के सिर से जुड़ा हुआ माना जाता है और यहाँ आने वाले भक्त माँ से रक्षा, आशीर्वाद और आध्यात्मिक शांति की कामना करते हैं। स्थानीय परंपरा में यहाँ की पूजा‑विधि सरल परंतु आध्यात्मिक गहरी रहती है।

हिंगुला / हिंगलाज आरती | Hingula / Hinglaj Aarti

PDF

जय हिंगुला माता, हृदय की दया अविरल।
पर्वत‑तट की तेरी छवि, भक्तों का रखवाला महाविरल॥ जय माता ॥

तेरे शिर से पवित्र धरा बनी, शिव‑स्तुति का धन्य राग।
आओ जो तेरे चरणों में झुकें, मिटे उनकी हरि̄काग।॥ जय हिंगुला माता ॥

दीप जलाएँ, धूप करें, पुष्प अर्पित कर मन से।
करुणा कर माँ दया करो, दूर करो विपदा सभी से॥ जय माता ॥

हाथ जोड़कर करते हम भजन, गूँजे नाम तेरा बारम्बार।
हिंगुलाज की महिमा अनंत, दे हमें जीवन में दे उजियार॥ जय हिंगुला माता — जय जय माता॥

📢 शेयर करें