परिचय
बगलामुखी आरती | Baglamukhi (Datia) Aarti
॥ आरती — बगलामुखी माता ॥
जय बगलामुखी माता, दया करो निर्मल रूप।
शत्रु जो करें विघ्नकारी, तुम करो उनका संहार रूप॥ जय माता ॥
तेरे नाम की जपा से, थमे वे शत्रु रास्ते।
भक्त का जो तू बचाये, पावें सुख और वास्ते॥ जय माता ॥
दीप जलाएँ करुना के, पुष्प अर्पित मन से।
बंदी की जंजीर टूटे, मिले मुक्तिको शुभ संदेशे॥ जय बगलामुखी माता ॥
शरण में जो आए भक्त, उसे दे पहचान।
तेरी कृपा से जीवन बने, सत्य का ही महान।
जय बगलामुखी माता — कर दे दया, कर दे उद्धार।
जय जय बगलामुखी माता, रक्षा करो मोर कृपालु धार॥