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माँ लक्ष्मीजी की आरती – धन और समृद्धि

माँ लक्ष्मी की आरती समृद्धि, सौभाग्य और सुख की प्राप्ति हेतु की जाती है। यह आरती घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है।

📅 21 Oct, 2025 📖 Aarti 👁️ Views: 4402
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परिचय

गायत्री और लक्ष्मी स्वरूप की यह आरती माता लक्ष्मी की महिमा, समृद्धि और आत्म‑शुद्धि की स्तुति है। श्रद्धा‑भाव से पढ़ने पर यह आरती मन में भक्ति, विश्वास और सुख‑सम्पत्ति की कामना जागृत करती है; प्रातःकालीक पूजा, दीप‑आरती या नवरात्रि/लक्ष्मी‑पूजन में इसका नियमित पाठ फलदायी माना जाता है।

माँ लक्ष्मीजी आरती (Shri Laxmi Mata Aarti)

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॥ आरती — श्री लक्ष्मीजी की  ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि‑विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी — तुम ही जग‑माता।
सूर्य‑चन्द्र ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख‑सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि‑सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल‑निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
कर्म‑प्रभाव‑प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आते हैं;
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराते हैं॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम‑बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता;
खान‑पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ‑गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि जाता;
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता;
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

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