श्री गणेश आरती (Shree Ganesh Aarti)
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणे...
पढ़ें →हिंदू धर्म में पूजा-अर्चना के समापन पर आरती करने का विशेष महत्व है। आरती न केवल ईश्वर की स्तुति है, बल्कि यह भक्त के अंतर्मन को दिव्यता और शांति से भर देती है। "आराधना" (Aradhana) पोर्टल पर हमने आपके लिए सभी प्रमुख देवी-देवताओं की आरतियों का एक विशाल और शुद्ध संग्रह संकलित किया है। यहाँ श्री गणेश, महादेव, माँ दुर्गा और श्री हनुमान सहित सभी देवताओं की आरतियाँ उनके गहरे अर्थ और सही उच्चारण के साथ उपलब्ध हैं। आरती की लौ जिस प्रकार अंधकार को दूर करती है, उसी प्रकार इन आरतियों का श्रद्धापूर्वक गान आपके जीवन से नकारात्मकता को मिटाकर सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। हमारी कोशिश है कि हम आपको भक्ति का एक ऐसा अनुभव प्रदान करें जो आपकी दैनिक पूजा को और भी अधिक अर्थपूर्ण बनाए।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणे...
पढ़ें →॥ आरती — श्री लक्ष्मीजी की ॥ ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि‑विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ ...
पढ़ें →॥ आरती — कुंजबिहारी की (श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी) ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की। गले में बैजन्ती माला, बजावै मुर...
पढ़ें →॥ श्री खाटू श्यामजी की आरती ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे। खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे॥ रतन जड़...
पढ़ें →॥ आरती — जय अम्बे गौरी ॥ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि‑ब्रह्मा‑शिवरी॥ जय अम्बे गौरी॥ मांग सिंदूर व...
पढ़ें →॥ श्री गायत्रीजी की आरती ॥ जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता। सत् मार्ग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥ जयति जय गायत्री माता॥ ...
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