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स्रीशैलम / ब्रह्मराम्बा आरती | Srisailam / Bhramarambha Aarti

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

स्रीशैलम (श्रीशैलम/श्रीशैलम्) आंध्र प्रदेश के नल्लमाला पर्वत में स्थित एक अत्यन्त पवित्र तीर्थ है। यहाँ भगवान मल्लिकार्जुन (Mallikarjuna) का ज्योतिर्लिंग और माता ब्रह्मराम्बा (Bhramarambha / Bramarambha) का शक्तिपीठ एक साथ स्थित है — इसलिए यह स्थान भक्तों के लिए विशिष्ट महत्व रखता है। पौराणिक और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मराम्बा देवी शक्ति‑स्वरूप हैं जो संकट निवारण, सुख‑समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का वरदान देती हैं। नवरात्रि और विशेष उत्सवों में यहाँ भारी श्रद््धालुओं का आगमन होता है; आरती और अनुष्ठान यहाँ के धार्मिक जीवन का केन्द्र हैं। श्रद्धा के साथ की गई ब्रह्मराम्बा आरती भक्तों को शान्ति, आशिर्वाद और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव कराती है।

स्रीशैलम / ब्रह्मराम्बा आरती | Srisailam / Bhramarambha Aarti

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॥ आरती — ब्रह्मराम्बा माता (स्रीशैलम) ॥

जय ब्रह्मराम्बा माता, जय जय महादेवी माता।
शक्ति स्वरूपा जगनाथा, करुणा की मूरत न्यारी माता॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

मल्लिकार्जुन संग तेरी, धाम स्रीशैलम पुनीत।
ज्योतिर्लिंग शिव‑रूप के साथ, त्रिनयान का अनंत रीत॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

कमलासन सजा चरण तेर, तेजोमयी रूप विभो।
भक्त जनों के हृदय में बसे, करुणा का अमर भो।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

नवदुर्गा की ты शक्तिरूप, संकट हरने वाली।
जो तेरी शरण में आवे, पावें जीवन सफल रवानी।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

गंगा समान पवित्र धारा, नल्लमाला की छाव।
तेरे धाम की जो आरती गावे, मिलता भक्त को नव उत्थान।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

देवी! दीनों के दाता तू, भूख और भय मिटावे।
मनोकामना पूरी करे, कृपा से जीवन संवारे।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

त्रिशूल‑शक्ति नयन तेज, करुणा का तू भण्डार।
तेरे नाम से त्राण है मिल, तेरे होने से गृह संसार।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

नवरात्रि में तेरा प्रकाश, भक्तों का मन भरे शांति।
जो तेरी आरती मन से गावे, पावें माता की दयालु छाँती।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

माँ! चरणों में नमन मेरा, करुणा कर दया करो।
भवसागर से उबार दो हमें, अपना आशीष दे दो।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥

जय ब्रह्मराम्बा माता, जय महाशक्ति जय जय।
शरणागत भव भक्तों को, देना कृपा‑दिव्य प्रसन्नता जय।॥ जय ब्रह्मराम्बा माता ॥