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कात्यायनी माता आरती | Katyayani (Mathura) Aarti

माँ कात्यायनी दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूपों में से एक हैं और मथुरा क्षेत्र से उनका विशेष संबंध माना जाता है। उनकी आरती जीवन में साहस, सफलता और वैवाहिक सुख की कामना से की जाती है।

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

कात्यायनी माता दुर्गा के शक्तिशाली अवतारों में से एक हैं और पारंपरिक कथाओं में मथुरा‑क्षेत्र से जुड़ा यह स्थान सती के बाल के गिरने से पवित्र हुआ माना जाता है। भक्त यहाँ माँ से साहस, रक्षा और वांछित फल की प्रार्थना करने आते हैं। आरती‑समय पर दीप, फल‑पुष्प और कठिन तप से आए भक्तों की श्रद्धा स्पष्ट दिखती है।

कात्यायनी माता आरती | Katyayani (Mathura) Aarti

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आरती — कात्यायनी माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)

जय कात्यायनी माता, शक्ति रूपा महा जय।
संकट हरती, संकट भगावै, करुणा करो सदा दयाज़य॥ जय माता ॥

बाल तेरे जो गिरे यहाँ, पावें भक्त जिनको सहारा।
तेरे चरणों में जो झुके सिर, मिटे दुख‑पीड़ा सारा॥ जय माता ॥

कमलासन सजी माता, त्रिशूल हाथ में थामे।
भक्तजन का हो उद्धार करे, हर मनोकामना पुनीत नामे॥ जय माता ॥

दीप जलाके, पुष्प चढ़ाके, हृदय से करूँ मैं स्तुति।
कृपा कर माँ कात्यायनी, दे हमें जीवन में सुगति॥ जय माता ॥