परिचय
सावित्री आरती | Savitri (Kurukshetra) Aarti
आरती — सावित्री माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)
जय सावित्री माता, कुरुक्षेत्र की तुम धरा।
सीधे पैर का पवित्र टखना, बनी यहाँ देवी की शरणा।
भक्त जो तेरे चरणों में आए, पावे सुख, मिले शुभ फल।
तेरी भक्ति से कटे अंधकार, जीवन बने उजियारा कल।
दीप जलाएँ, पुष्प चढ़ाएँ, जपे हम तेरा नाम न्यारे।
माँ कृपा कर दीनों पर कर, कर दे सब दुःख समाधान सरे।
जय सावित्री माता, रक्षा करो हर जीव पर दया कर।
जय जय सावित्री माता — शरण हम सबकी, कर दे उद्धार॥