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सावित्री आरती | Savitri (Kurukshetra) Aarti

कुरुक्षेत्र में स्थित सावित्री माता शक्ति-पीठ की अधिष्ठात्री देवी हैं। मान्यता है कि यहाँ देवी के पैर का टखना गिरा था। सावित्री माता की आरती रक्षा, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना से की जाती है।

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

सावित्री शक्ति‑पीठ कुरुक्षेत्र के पावन क्षेत्र में स्थित है और परंपरा अनुसार यहाँ देवी के सीधे पैर (ankle) का टुकड़ा गिरा माना जाता है। यह स्थल भक्तों के लिये रक्षा, स्वास्थ्य और परिवारिक कल्याण की अनुभूति दिलाता है। आरती‑समय दीप, पुष्प और मन्त्रों का संगम भक्तों के हृदय में श्रद्धा और शांति जगाता है।

सावित्री आरती | Savitri (Kurukshetra) Aarti

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आरती — सावित्री माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)

जय सावित्री माता, कुरुक्षेत्र की तुम धरा।
सीधे पैर का पवित्र टखना, बनी यहाँ देवी की शरणा।
भक्त जो तेरे चरणों में आए, पावे सुख, मिले शुभ फल।
तेरी भक्ति से कटे अंधकार, जीवन बने उजियारा कल।

दीप जलाएँ, पुष्प चढ़ाएँ, जपे हम तेरा नाम न्यारे।
माँ कृपा कर दीनों पर कर, कर दे सब दुःख समाधान सरे।
जय सावित्री माता, रक्षा करो हर जीव पर दया कर।
जय जय सावित्री माता — शरण हम सबकी, कर दे उद्धार॥