परिचय
त्रिपुरमालिनी आरती | Tripuramalini (Jalandhar) Aarti
आरती — त्रिपुरमालिनी माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)
जय त्रिपुरमालिनी माता, करुणा की मूरत भारी।
तेरे वक्ष का पवित्र स्पर्श, करे हृदय को उदयकारी॥ जय माता ॥
जलंधर के धाम में बसे, भक्तों की तू ही आस।
संकट हटे तेरे नाम से, मिले जीवन में बनि प्रकाश॥ जय माता ॥
दीप जला कर करें आरती, पुष्प चढ़ाएँ ध्यान से।
माँ त्रिपुरमालिनी कर दया, दे सबको सुख व जीवन श्रेष्ठे॥ जय माता ॥
माँ! अपन करुणा बना कर, दीनों को कर दो उद्धार।
तेरी शरण में जो आएगा, पाएगा सद्गति का अधिकार॥ जय त्रिपुरमालिनी माता — जय जय माता॥