संपूर्ण आरती संग्रह - भक्ति और श्रद्धा की पावन ज्योति

हिंदू धर्म में पूजा-अर्चना के समापन पर आरती करने का विशेष महत्व है। आरती न केवल ईश्वर की स्तुति है, बल्कि यह भक्त के अंतर्मन को दिव्यता और शांति से भर देती है। "आराधना" (Aradhana) पोर्टल पर हमने आपके लिए सभी प्रमुख देवी-देवताओं की आरतियों का एक विशाल और शुद्ध संग्रह संकलित किया है। यहाँ श्री गणेश, महादेव, माँ दुर्गा और श्री हनुमान सहित सभी देवताओं की आरतियाँ उनके गहरे अर्थ और सही उच्चारण के साथ उपलब्ध हैं। आरती की लौ जिस प्रकार अंधकार को दूर करती है, उसी प्रकार इन आरतियों का श्रद्धापूर्वक गान आपके जीवन से नकारात्मकता को मिटाकर सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। हमारी कोशिश है कि हम आपको भक्ति का एक ऐसा अनुभव प्रदान करें जो आपकी दैनिक पूजा को और भी अधिक अर्थपूर्ण बनाए।

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श्री रामदेव आरती (Shri Ramdev Aarti)

॥ श्री रामदेव आरती ॥ ॐ जय श्री रामादे स्वामी, जय श्री रामादे। पिता तुम्हारे अजमल, मैया मेना दे॥ ॐ जय श्री रामादे। स्वामी जय श्री रामाद...

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श्री बालाजी आरती (Shri Balaji Ki Aarti)

॥ आरती — श्री बालाजी / हनुमानजी की ॥ ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा। संकट मोचन स्वामी, तुम हो रणधीर॥ ॐ जय हनुमत वीरा॥ पवनपुत्र ...

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अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती ( Maa Durga Maa Kali Aarti )

॥ श्री अम्बे — जगदम्बे काली आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्परवाली। तेरे ही गुण गायें भारती, ओ मैया हम सब उतारें तेरी आर...

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शिवजी की आरती (Shivji Ki Aarti)

॥ आरती — शिवजी की ॥ ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव — अर्धांगिनी धाराः॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥ एकानन, चतुर...

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