परिचय
चिंतपूर्णी माता आरती | Chintpurni Mata Aarti
॥ आरती — चिंतपूर्णी माता ॥
जय मां चिंतपूर्णी, करुणा की मूरत न्यारी।
तेरे ही चरण जो दृढ़ धरे, मिटे सब मन की कड़वी सारी॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥
चिंता हरन भवानी, संकट विनाशिनी ओ माता।
भक्तों की हर आशा पूरी कर, दया करके जिऊँ सत्कारता॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥
सिन्दूर लाल तेरी शोभा, दीपों की ज्योति उजियारी।
पुष्प अर्पित कर जो तुझे, पावे मन को शान्ति भारी॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥
तेरे दर्शन मात्र से ही, भय-शोक सब हो विनष्ट।
जो भी डूबे संशय में हो, तेरा नाम ले, मिले विश्रांत॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥
नवदुर्गा की शरण ती, शक्ति की उस स्वरूपा।
जो तेरा स्मरण धर ले, पावत जीवन का प्रथम रूपा॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥
भक्त मन मेरा समर्पित है, चरणों में नतमस्तक।
कृपा कर दया बरसाओ माँ, मिटा दो दुःख का जंजाल॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥
जय मां चिंतपूर्णी, दु:ख हरने वाली माता।
जय मां चिंतपूर्णी, करुणा से भर दो जीवन पाता॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥