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चिंतपूर्णी माता आरती – चिंता हरने वाली शक्ति की वंदना

चिंतपूर्णी माता हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ की अधिष्ठात्री देवी हैं। मान्यता है कि माता अपने भक्तों की समस्त चिंताओं का नाश कर मनोकामनाएँ पूर्ण करती हैं। श्रद्धा से की गई चिंतपूर्णी माता की आरती मानसिक शांति, विश्वास और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

📅 25 Oct, 2025 📖 Aarti 👁️ Views: 4440
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परिचय

चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित एक प्रख्यात माँ मंदिर है और यह श्रद्धालुओं के बीच चिन्ताओं के निवारण और मनोकामना‑सिद्धि के लिये लोकप्रिय तीर्थस्थल माना जाता है। लोकपरंपरा में इसे शक्तिपीठों की परंपरा से जुड़ा हुआ भी समझा जाता है; यहां आने वाले भक्त मानते हैं कि मां की शक्ति चिंताएँ हरकर सुख और शांति प्रदान करती है। नवरात्रि और विशेष उत्सवों पर मंदिर में भारी संगम और आयोजन होता है। आरती‑विधि में दीप, पुष्प और भक्ति‑भाव प्रधान होते हैं — श्रद्धा से किया गया आरती‑पाठ भक्तों को मानसिक शान्ति व आशिर्वाद देता है।

चिंतपूर्णी माता आरती | Chintpurni Mata Aarti

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॥ आरती — चिंतपूर्णी माता ॥

जय मां चिंतपूर्णी, करुणा की मूरत न्यारी।
तेरे ही चरण जो दृढ़ धरे, मिटे सब मन की कड़वी सारी॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

चिंता हरन भवानी, संकट विनाशिनी ओ माता।
भक्तों की हर आशा पूरी कर, दया करके जिऊँ सत्कारता॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

सिन्दूर लाल तेरी शोभा, दीपों की ज्योति उजियारी।
पुष्प अर्पित कर जो तुझे, पावे मन को शान्ति भारी॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

तेरे दर्शन मात्र से ही, भय-शोक सब हो विनष्ट।
जो भी डूबे संशय में हो, तेरा नाम ले, मिले विश्रांत॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

नवदुर्गा की शरण ती, शक्ति की उस स्वरूपा।
जो तेरा स्मरण धर ले, पावत जीवन का प्रथम रूपा॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

भक्त मन मेरा समर्पित है, चरणों में नतमस्तक।
कृपा कर दया बरसाओ माँ, मिटा दो दुःख का जंजाल॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

जय मां चिंतपूर्णी, दु:ख हरने वाली माता।
जय मां चिंतपूर्णी, करुणा से भर दो जीवन पाता॥ जय मां चिंतपूर्णी ॥

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