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ललिता / प्रयागराज आरती | Lalita (Prayagraj) Aarti

Aarti Goddesses Aarti Shakti Peeth ( शक्ति‑पीठ )
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परिचय

ललिता माता का शक्ति‑पीठ प्रयागराज (Allahabad) के पावन भूमि में माना जाता है, जहाँ परंपरा के अनुसार देवी के उंगलियों का गिरना हुआ था और इसलिए यह स्थान पवित्र हो गया। यहाँ के भक्त माँ से कल्याण, विवेक और पारिवारिक सुख की कामना के लिए आते हैं। आरती‑समय दीप, पुष्प और मन्त्रों का संयोग भक्तों के हृदय में शांति और श्रद्धा जगाता है।

ललिता / प्रयागराज आरती | Lalita (Prayagraj) Aarti

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आरती — श्री ललिता माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)

जय ललिता माता, करुणा की मूरत प्यारी।
प्रयाग के तट पर तेरा ही ध्यानी, भक्तों की आशा निराली।
जय ललिता माता, मंगलमयी हर कली।

उंगलियों की जो सच्ची कहानी, बनी यहाँ पवित्र निशानी।
तेरे चरणों में जो झुके सिर, पावे जीवन में उजियानी।
जय ललिता माता, दया कर दे भक्ता को दानी।

दीप जला कर हम करें आरती, पुष्प चढ़ायें तव द्वार।
मातृशक्ति के चरणों से मिलें, हर संकट का उद्धार।
जय ललिता माता, करुणा कर, कर दे जीवन विचार॥

माँ! अपना आशीष सदा देना, दूर कर दो दुःख हमारे।
तेरे भजन से पावन ह्रदय, बन जाए घर-परिवार स्नेहभरे।
जय ललिता माता — जय जय माता, शरण तुम्हारी प्यारी।
जय ललिता माता॥