परिचय
ललिता / प्रयागराज आरती | Lalita (Prayagraj) Aarti
आरती — श्री ललिता माता (एक छोटा भजन / आरती‑पाठ)
जय ललिता माता, करुणा की मूरत प्यारी।
प्रयाग के तट पर तेरा ही ध्यानी, भक्तों की आशा निराली।
जय ललिता माता, मंगलमयी हर कली।
उंगलियों की जो सच्ची कहानी, बनी यहाँ पवित्र निशानी।
तेरे चरणों में जो झुके सिर, पावे जीवन में उजियानी।
जय ललिता माता, दया कर दे भक्ता को दानी।
दीप जला कर हम करें आरती, पुष्प चढ़ायें तव द्वार।
मातृशक्ति के चरणों से मिलें, हर संकट का उद्धार।
जय ललिता माता, करुणा कर, कर दे जीवन विचार॥
माँ! अपना आशीष सदा देना, दूर कर दो दुःख हमारे।
तेरे भजन से पावन ह्रदय, बन जाए घर-परिवार स्नेहभरे।
जय ललिता माता — जय जय माता, शरण तुम्हारी प्यारी।
जय ललिता माता॥