चालीसा संग्रह - चालीस पदों की दिव्य स्तुति

चालीसा में चालीस छंदों में देवी-देवता की स्तुति की जाती है। हनुमान चालीसा सबसे लोकप्रिय है। गणेश, शिव, राम, कृष्ण, दुर्गा और लक्ष्मी चालीसा भी प्रसिद्ध हैं। चालीसा पाठ करने से मन में शांति आती है और भक्ति में वृद्धि होती है।

कुल 42 पोस्ट

श्री राधा चालीसा (Shri Radha Chalisa)

॥ दोहा ॥ श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार। वृन्दावनविपिन विहारिणी, प्रणवों बारंबार॥ जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम। च...

पढ़ें →

श्री काली चालीसा (Shree Kali Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय काली जगदम्ब जय, हरनि ओघ अघ पुंज। वास करहु निज दास के, निशदिन हृदय निकुंज॥ जयति कपाली कालिका, कंकाली सुख दानि। कृपा करहु वर...

पढ़ें →

श्री गंगा चालीसा (Shri Ganga Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय जय जय जग पावनी, जयति देवसरी गंग। जय शिव जटा निवासिनी, अनुपम तुंग तरंग॥ ॥ चौपाई / चालीसा ॥ जय जय जननी हराना अघखानी — आनंद कर...

पढ़ें →

श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa)

॥ चौपाई ॥ श्री रघुबीर भक्त हितकारी — सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी। निशि‑दिन ध्यान धरै जो कोई — ता सम् भक्त और नहीं होई। ध्यान धरें ...

पढ़ें →

श्री शनि चालीसा (Shree Shani Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल। दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज। करहु क...

पढ़ें →