Search
Search

Fri Apr 4, 2025

10:08:28

Search

Fri Apr 4, 2025

10:08:28

Category: Gods Chalisa

नवग्रह चालीसा | Navgrah Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री गणपति ग़ुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय, नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय जय, जय रवि शशि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनि राज, जयति राहू अरु केतु ग्रह, करहु अनुग्रह आज !! ॥ चौपाई ॥ श्री

पूरा पढ़ें »

लड्डूगोपाल चालीसा | Laddugopal Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री राधापद कमल रज, सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस, सकल सुमंगल मूल ॥
॥ चौपाई ॥ जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी,दुष्ट दलन लीला अवतारी।जो कोई तुम्हरी लीला गावै,बिन श्रम सकल पदारथ पावै।

पूरा पढ़ें »

श्री गोपाल चालीसा ( Shri Gopala Chalisa )

॥ दोहा ॥ श्री राधापद कमल रज,सिर धरि यमुना कूल। वरणो चालीसा सरस,सकल सुमंगल मूल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी।दुष्ट दलन लीला अवतारी॥ जो कोई तुम्हरी लीला गावै।बिन श्रम सकल पदारथ पावै॥ श्री वसुदेव देवकी माता।प्रकट भये

पूरा पढ़ें »

श्री कल्ला चमत्कार चालीसा (Shri Kalla ji Chalisa)

श्री कल्ला राठोड जय , जय जय कृपा निधान ! जयति जयति जन वरद ,परभू करहु जगत कल्याण !! जयति जयति जय जय रणधीर ! कारज सुखद वीर गंभीरा ! जय कल्ला जय विप्पति निहन्ता ! जय जन मंगल जय

पूरा पढ़ें »

शेषावतार कल्लाजी राठौड़ पच्चीसी (Sheshavtar Kallaji Rathod Pachisi)

।। जय श्री कल्याण ।। ।।।।।। हेला पच्चीसी।।।। कल्ला कीरत रावली , हेलो कोस हजार ! बांव पकड़ बैठा करो , अरवडिया आधार !! १ !! पावडिया पत्तो लड़े , जयमल महलां बीच ! राय आंगण कल्लो लड़े , केसर

पूरा पढ़ें »

श्री जाहरवीर चालीसा (Shree Jaharveer Chalisa)

॥ दोहा ॥ सुवन केहरी जेवर,सुत महाबली रनधीर। बन्दौं सुत रानी बाछला,विपत निवारण वीर॥ जय जय जय चौहान,वन्स गूगा वीर अनूप। अनंगपाल को जीतकर,आप बने सुर भूप॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय जाहर रणधीरा।पर दुख भंजन बागड़ वीरा॥ गुरु

पूरा पढ़ें »

श्री गोरखनाथ चालीसा (Shree Gorakhnath Chalisa)

॥ दोहा ॥ गणपति गिरजा पुत्र को,सुमिरूँ बारम्बार। हाथ जोड़ बिनती करूँ,शारद नाम आधार॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय गोरख नाथ अविनासी।कृपा करो गुरु देव प्रकाशी॥ जय जय जय गोरख गुण ज्ञानी।इच्छा रुप योगी वरदानी॥ अलख निरंजन तुम्हरो नामा।सदा करो

पूरा पढ़ें »

श्री श्याम चालीसा (Shree Shyam Chalisa)

॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण ध्यान धर,सुमिरि सच्चिदानन्द। श्याम चालीसा भणत हूँ,रच चैपाई छन्द॥ ॥ चौपाई ॥ श्याम श्याम भजि बारम्बारा।सहज ही हो भवसागर पारा॥ इन सम देव न दूजा कोई।दीन दयालु न दाता होई॥ भीमसुपुत्र अहिलवती जाया।कहीं भीम

पूरा पढ़ें »

श्री पितर चालीसा (Shree Pitar Chalisa)

॥ दोहा ॥ हे पितरेश्वर आपको,दे दियो आशीर्वाद। चरणाशीश नवा दियो,रखदो सिर पर हाथ॥ सबसे पहले गणपत,पाछे घर का देव मनावा जी। हे पितरेश्वर दया राखियो,करियो मन की चाया जी॥ ॥ चौपाई ॥ पितरेश्वर करो मार्ग उजागर।चरण रज की मुक्ति

पूरा पढ़ें »

श्री रामदेव चालीसा (Shri Ramdev Chalisa)

॥ दोहा ॥ श्री गुरु पद नमन करि,गिरा गनेश मनाय। कथूं रामदेव विमल यश,सुने पाप विनशाय॥ द्वार केश से आय कर,लिया मनुज अवतार। अजमल गेह बधावणा,जग में जय जयकार॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय रामदेव सुर राया।अजमल पुत्र अनोखी माया॥

पूरा पढ़ें »

श्री परशुराम चालीसा (Shree Parshuram Chalisa)

॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज छवि,निज मन मन्दिर धारि। सुमरि गजानन शारदा,गहि आशिष त्रिपुरारि॥ बुद्धिहीन जन जानिये,अवगुणों का भण्डार। बरणों परशुराम सुयश,निज मति के अनुसार॥ ॥ चौपाई ॥ जय प्रभु परशुराम सुख सागर।जय मुनीश गुण ज्ञान दिवाकर॥ भृगुकुल

पूरा पढ़ें »

श्री ब्रह्मा चालीसा (Shri Brahma Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय ब्रह्मा जय स्वयम्भू,चतुरानन सुखमूल। करहु कृपा निज दास पै,रहहु सदा अनुकूल॥ तुम सृजक ब्रह्माण्ड के,अज विधि घाता नाम। विश्वविधाता कीजिये,जन पै कृपा ललाम॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय कमलासान जगमूला।रहहु सदा जनपै अनुकूला॥ रुप चतुर्भुज परम

पूरा पढ़ें »

श्री विष्णु चालीसा (Shri Vishnu Chalisa)

॥ दोहा ॥ विष्णु सुनिए विनय,सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूँ,दीजै ज्ञान बताय॥ ॥ चौपाई ॥ नमो विष्णु भगवान खरारी।कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥ प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी।त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥ सुन्दर रूप मनोहर सूरत।सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥ तन

पूरा पढ़ें »

श्री सूर्य देव चालीसा (Shree Surya Dev Chalisa)

॥ दोहा ॥ कनक बदन कुण्डल मकर,मुक्ता माला अङ्ग। पद्मासन स्थित ध्याइए,शंख चक्र के सङ्ग॥ ॥ चौपाई ॥ जय सविता जय जयति दिवाकर!।सहस्रांशु! सप्ताश्व तिमिरहर॥ भानु! पतंग! मरीची! भास्कर!।सविता हंस! सुनूर विभाकर॥ विवस्वान! आदित्य! विकर्तन।मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥ अम्बरमणि! खग! रवि

पूरा पढ़ें »

श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa)

॥ चौपाई ॥ श्री रघुबीर भक्त हितकारी।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥ निशि दिन ध्यान धरै जो कोई।ता सम भक्त और नहीं होई॥ ध्यान धरें शिवजी मन मांही।ब्रह्मा, इन्द्र पार नहीं पाहीं॥ दूत तुम्हार वीर हनुमाना।जासु प्रभाव तिहुं पुर जाना॥ जय,

पूरा पढ़ें »

श्री कृष्ण चालीसा (Shree Krishna Chalisa)

॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥ जय मनमोहन मदन छवि,कृष्णचन्द्र महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥ ॥ चौपाई ॥ जय यदुनन्दन जय जगवन्दन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥

पूरा पढ़ें »

श्री शनि चालीसा (Shree Shani Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल करण कृपाल। दीनन के दुःख दूर करि,कीजै नाथ निहाल॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु,सुनहु विनय महाराज। करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥ ॥ चौपाई ॥ जयति जयति शनिदेव दयाला।करत सदा भक्तन

पूरा पढ़ें »

श्री शिव चालीसा (Shree Shiv Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन,मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम,देहु अभय वरदान॥ ॥ चौपाई ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला।सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके।कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये।मुण्डमाल तन क्षार लगाए॥

पूरा पढ़ें »

श्री बजरंग बाण (Shri Bajrang Baan)

॥ दोहा ॥ निश्चय प्रेम प्रतीति ते,बिनय करै सनमान। तेहि के कारज सकल शुभ,सिद्ध करै हनुमान॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमन्त सन्त हितकारी।सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥ जन के काज विलम्ब न कीजै।आतुर दौरि महा सुख दीजै॥ जैसे कूदि सिन्धु

पूरा पढ़ें »

श्री गणेश चालीसा (Shree Ganesh Chalisa)

॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन,कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण,जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय गणपति गणराजू।मंगल भरण करण शुभः काजू॥ जै गजबदन सदन सुखदाता।विश्व विनायका बुद्धि विधाता॥ वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना।तिलक त्रिपुण्ड

पूरा पढ़ें »

श्री हनुमान चालीसा ( Shree Hanuman Chalisa )

दोहा श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार ॥ चौपाई जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय

पूरा पढ़ें »

Category

हिंदू कैलेंडर

Aarti (आरती )

Chalisa (चालीसा )

Mantra (मंत्र)

Bhajan (भजन)

Scroll to Top