परिचय
Tungnath temple is located at an altitude of 3,680 meters in Rudraprayag district of Uttarakhand. It is the second temple in Panch Kedar and the highest Shiva temple in the world. The arms of Lord Shiva are enshrined here. The Pandavas worshipped Shiva here after the Mahabharata war. The temple is more than 1000 years old. It is a beautiful 3.5 km trek from Chopta. Chandrashila peak (4 km) is even higher from here. The temple opens from April-May to November. It remains closed in winter due to snow.
तुंगनाथ मंदिर | विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर - पंच केदार
**तुंगनाथ का परिचय:**
तुंगनाथ मंदिर **पंच केदार** में दूसरा मंदिर है। यह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ पर्वत पर स्थित है।
"तुंगनाथ" का अर्थ है "ऊंचे शिखर के स्वामी"।
**विशेष महत्व:**
- **विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर** - 3,680 मीटर (12,073 फीट)
- **पंच केदार में दूसरा**
- **शिव की भुजाएं** यहां विराजमान
- **1000+ वर्ष पुराना**
- **चंद्रशिला शिखर** के पास
**भौगोलिक स्थिति:**
- **राज्य:** उत्तराखंड
- **जिला:** रुद्रप्रयाग
- **ऊंचाई:** 3,680 मीटर (12,073 फीट)
- **चोपता से दूरी:** 3.5 किमी (ट्रेक)
- **रुद्रप्रयाग से:** 82 किमी
**तुंगनाथ की कथा:**
महाभारत युद्ध के बाद पांडव शिव की खोज में हिमालय आए। शिव बैल बनकर धरती में समा गए।
**भुजाओं का प्रकट होना:**
जब शिव का शरीर पांच भागों में विभाजित हुआ:
- पीठ - केदारनाथ में
- **भुजाएं - तुंगनाथ में**
- मुख - रुद्रनाथ में
- नाभि - मध्यमहेश्वर में
- जटाएं - कल्पेश्वर में
पांडवों ने तुंगनाथ में मंदिर बनाकर शिव की भुजाओं की पूजा की।
**मंदिर का इतिहास:**
- **स्थापना:** पांडव काल
- **वर्तमान संरचना:** 1000+ वर्ष पुरानी
- **स्थापत्य:** उत्तर भारतीय पहाड़ी शैली
- **निर्माण:** पत्थर और लकड़ी
**मंदिर की वास्तुकला:**
- छोटा लेकिन अत्यंत पवित्र
- पत्थर की दीवारें
- लकड़ी का छत
- गर्भगृह में शिवलिंग
- नंदी की प्रतिमा बाहर
**तुंगनाथ ट्रेक:**
**चोपता से तुंगनाथ:**
- **दूरी:** 3.5 किमी
- **समय:** 3-4 घंटे (चढ़ाई)
- **कठिनाई:** आसान से मध्यम
- **रास्ता:** पक्की सीढ़ियां और पगडंडी
**ट्रेक का विवरण:**
- चोपता (2,680 मीटर) से शुरू
- खूबसूरत बुग्यालों से होकर
- देवदार के जंगल
- हिमालय के दृश्य
- रास्ते में छोटे मंदिर
**चंद्रशिला शिखर:**
तुंगनाथ से **चंद्रशिला** (4,000 मीटर) 1 किमी और ऊपर है।
**चंद्रशिला ट्रेक:**
- तुंगनाथ से 1 किमी
- 1 घंटा चढ़ाई
- 360° हिमालय दृश्य
- चौखंबा, नंदादेवी, त्रिशूल, केदारनाथ दिखते हैं
**मान्यता:**
भगवान राम ने यहां रावण वध के बाद तपस्या की थी।
**तुंगनाथ की महिमा:**
१. **विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर**
२. **पंच केदार में द्वितीय**
३. **शिव की भुजाएं**
४. **पांडवों द्वारा स्थापित**
५. **चंद्रशिला के पास**
६. **360° हिमालय दृश्य**
**दर्शन का समय:**
**मंदिर खुलने का समय:**
- **खुलना:** अक्षय तृतीया (अप्रैल-मई)
- **बंद होना:** नवंबर (बर्फबारी से पहले)
**शीतकाल:**
- दिसंबर से अप्रैल बंद
- भारी बर्फबारी
- मूर्ति मक्कूमठ ले जाई जाती है
**तुंगनाथ कैसे पहुंचें:**
**हवाई मार्ग:**
- **जॉली ग्रांट, देहरादून** (265 किमी)
**रेल मार्ग:**
- **ऋषिकेश** (240 किमी)
**सड़क मार्ग:**
- देहरादून → ऋषिकेश → देवप्रयाग → रुद्रप्रयाग → उखीमठ → चोपता
- **चोपता** तक टैक्सी/बस
- चोपता से **3.5 किमी ट्रेक**
**ठहरने की व्यवस्था:**
**चोपता में:**
- टूरिस्ट रेस्ट हाउस
- प्राइवेट होटल/कैंप
- टेंट
**उखीमठ में:**
- होटल और गेस्ट हाउस
**यात्रा के लिए आवश्यक:**
- गर्म कपड़े (बहुत ठंड)
- ट्रेकिंग शूज
- छड़ी
- रेनकोट
- पानी और स्नैक्स
- फर्स्ट एड
- ऑक्सीजन (ऊंचाई के लिए)
**आसपास के दर्शनीय स्थल:**
१. **चंद्रशिला शिखर** (1 किमी)
२. **देवरिया ताल** (चोपता से 2 किमी)
३. **चोपता बुग्याल** - मिनी स्विट्जरलैंड
४. **उखीमठ** - ओंकारेश्वर मंदिर
५. **गुप्तकाशी**
६. **रुद्रनाथ** (अगला पंच केदार)
**विशेष जानकारी:**
- सुबह जल्दी निकलें
- मौसम अचानक बदलता है
- ऊंचाई की बीमारी से सावधान
- स्थानीय गाइड ले सकते हैं
- कैमरा ले जा सकते हैं
- प्लास्टिक न फेंकें
- चंद्रशिला अवश्य जाएं
**यात्रा का सर्वोत्तम समय:**
- **मई-जून:** मंदिर खुलने के बाद
- **सितंबर-अक्टूबर:** सबसे अच्छा मौसम
- **जुलाई-अगस्त:** बारिश (बचें)
**महत्वपूर्ण तथ्य:**
- पंच केदार में दूसरा
- विश्व का सबसे ऊंचा शिव मंदिर
- 3,680 मीटर की ऊंचाई
- शिव की भुजाएं यहां हैं
- 1000+ वर्ष पुराना
- चोपता से 3.5 किमी ट्रेक
- चंद्रशिला 1 किमी ऊपर
🙏 हर हर महादेव 🙏
🙏 जय तुंगनाथ 🙏
🙏 बम भोले 🙏