परिचय
Vrindavan Shaktipeeth is situated on the banks of Yamuna river in Vrindavan, Uttar Pradesh. It is one of the 51 Shaktipeeths where Goddess Sati's hair fell. Maa Uma is enshrined here. This Shaktipeeth situated in the divine land of Lord Krishna's Leelas is a wonderful confluence of Shakti and Bhakti.
वृंदावन शक्तिपीठ - उत्तर प्रदेश | माँ सती के बालों का पवित्र शक्तिपीठ
वृंदावन शक्तिपीठ - कृष्ण की लीलाभूमि की दिव्य शक्तिपीठ
वृंदावन शक्तिपीठ उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में वृंदावन में यमुना नदी के पावन तट पर स्थित है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत पवित्र और सिद्ध पीठ है। यहाँ माँ सती के बाल गिरे थे इसीलिए यह स्थान अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है।
माँ उमा रूप में यहाँ विराजमान हैं। उमा भगवान शिव की अर्धांगिनी माँ पार्वती का ही नाम है। वृंदावन भगवान श्री कृष्ण की लीलाभूमि है और यहाँ माँ उमा शक्तिपीठ की उपस्थिति इस नगरी को शक्ति और भक्ति दोनों का अद्भुत संगम बनाती है।
वृंदावन शक्तिपीठ का इतिहास
वृंदावन शक्तिपीठ का उल्लेख प्राचीन तंत्र ग्रंथों और पुराणों में मिलता है। वृंदावन का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा है जब भगवान श्री कृष्ण ने यहाँ अपनी बाल लीलाएँ कीं। यह नगरी हिंदू भक्ति परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।
वृंदावन शक्तिपीठ के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. माँ उमा गर्भगृह
मंदिर के गर्भगृह में माँ उमा की अत्यंत भव्य और दिव्य प्रतिमा विराजमान है। माँ का श्रृंगार लाल वस्त्र और सोने के आभूषणों से होता है। यहाँ माँ को लाल फूल सिंदूर और नारियल चढ़ाया जाता है।
2. बांके बिहारी मंदिर
वृंदावन शक्तिपीठ के समीप बांके बिहारी मंदिर स्थित है जो वृंदावन का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। यहाँ भगवान कृष्ण बांके बिहारी रूप में विराजमान हैं।
3. यमुना नदी
वृंदावन में यमुना नदी के घाटों पर स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। केशी घाट पर संध्या आरती का दृश्य अत्यंत मनोरम होता है।
4. भैरव मंदिर
वृंदावन शक्तिपीठ के भैरव भूतेश रूप में पूजे जाते हैं। मंदिर परिसर में भैरव मंदिर भी स्थित है जहाँ दर्शन अनिवार्य माने जाते हैं।
5. इस्कॉन मंदिर
वृंदावन में इस्कॉन का भव्य मंदिर स्थित है जो विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ भगवान राधाकृष्ण की अद्भुत प्रतिमाएँ हैं।
6. प्रेम मंदिर
वृंदावन में जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा निर्मित प्रेम मंदिर अत्यंत भव्य और दर्शनीय है। रात को रोशनी में इसका दृश्य अद्भुत होता है।
7. निधिवन
निधिवन वह रहस्यमयी स्थान है जहाँ भगवान कृष्ण और राधा जी रात्रि में रासलीला करते हैं ऐसी मान्यता है। यहाँ सूर्यास्त के बाद किसी को रुकने की अनुमति नहीं है।
वृंदावन शक्तिपीठ की पूजा विधि
माँ उमा की पूजा में लाल फूल सिंदूर लाल वस्त्र और नारियल का विशेष महत्व है। दुर्गा सप्तशती उमा स्तोत्र और देवी कवच का पाठ माँ को अत्यंत प्रिय है। नवरात्रि जन्माष्टमी राधाष्टमी और अष्टमी के समय यहाँ विशेष पूजा और उत्सव होता है।
वृंदावन शक्तिपीठ कैसे पहुँचें
वायुमार्ग: आगरा हवाई अड्डा सबसे नजदीक है जो वृंदावन से 65 किमी दूर है।
रेलमार्ग: मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन वृंदावन से 12 किमी दूर है और देशभर से जुड़ा हुआ है।
सड़कमार्ग: मथुरा से 12 किमी आगरा से 65 किमी दिल्ली से 145 किमी।
वृंदावन शक्तिपीठ दर्शन का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। जन्माष्टमी होली राधाष्टमी और नवरात्रि के समय यहाँ विशेष उत्सव होते हैं। ब्रज की होली विश्वप्रसिद्ध है और फाल्गुन माह में यहाँ विशेष आनंद आता है।
वृंदावन शक्तिपीठ का धार्मिक महत्व
वृंदावन शक्तिपीठ भगवान कृष्ण की लीलाभूमि में स्थित होने से अत्यंत विशेष है। यहाँ माँ उमा की शक्ति और भगवान कृष्ण की भक्ति का अद्भुत संगम है। माँ उमा की कृपा से भक्तों के जीवन में शिव और शक्ति दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है। यमुना स्नान और माँ उमा के दर्शन से जन्म जन्मांतर के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।