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नर्मदा नदी - शिव की पुत्री रेवा और पाप नाशिनी नदी

नर्मदा मध्य भारत की सबसे पवित्र नदी है। नर्मदा का उद्गम मध्य प्रदेश के अमरकंटक पर्वत से होता है और यह 1,312 किमी की यात्रा करके खंभात की खाड़ी (अरब सागर) में मिलती है। नर्मदा को रेवा भी कहते हैं। मान्यता है कि नर्मदा भगवान शिव की पुत्री हैं। नर्मदा की एक विशेषता है - यह पश्चिम की ओर बहने वाली भारत की प्रमुख नदियों में से एक है। नर्मदा परिक्रमा अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। नर्मदा के तट पर अनेक शिव मंदिर हैं। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग नर्मदा के द्वीप पर है। नर्मदा दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते हैं।

पवित्र नदियां
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परिचय

नर्मदा मध्य भारत की पवित्रतम नदी। अमरकंटक से निकलकर 1,312 किमी बहती है। खंभात की खाड़ी में गिरती है। रेवा भी कहते हैं। शिव की पुत्री मानी जाती है। पश्चिम की ओर बहती है। नर्मदा परिक्रमा अत्यंत पुण्यदायी। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग नर्मदा द्वीप पर। नर्मदा दर्शन से पाप नष्ट। मध्य प्रदेश और गुजरात से होकर बहती है।

Narmada is the most sacred river of central India. Originates from Amarkantak and flows 1,312 km. Falls into Gulf of Khambhat. Also called Rewa. Considered daughter of Shiva. Flows westward. Narmada Parikrama is very auspicious. Omkareshwar Jyotirlinga is on Narmada island. Narmada darshan destroys sins. Flows through Madhya Pradesh and Gujarat.

नर्मदा नदी | शिव पुत्री रेवा और नर्मदा परिक्रमा की महिमा

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🙏 नर्मदा नदी 🙏

**नर्मदा का परिचय:**

नर्मदा मध्य भारत की **सबसे पवित्र नदी** है। इसे **रेवा** भी कहते हैं।

**भौगोलिक विवरण:**

- **उद्गम:** अमरकंटक पर्वत, मध्य प्रदेश
- **ऊंचाई:** 1,057 मीटर
- **लंबाई:** 1,312 किमी
- **गंतव्य:** खंभात की खाड़ी (अरब सागर)
- **राज्य:** मध्य प्रदेश, गुजरात
- **विशेषता:** पश्चिम की ओर बहती है

**नर्मदा की उत्पत्ति कथा:**

**शिव की पुत्री:**

**मान्यता 1:**
भगवान **शिव** के पसीने की एक बूंद से **नर्मदा** का जन्म हुआ। इसलिए नर्मदा को शिव की पुत्री माना जाता है।

**मान्यता 2:**
शिव की तपस्या से प्रसन्न होकर नर्मदा ने नदी का रूप धारण किया।

**रेवा नाम:**

"रेवा" का अर्थ है **कूदना या उछलना**। नर्मदा चट्टानों से कूदती-फांदती बहती है, इसलिए इसे रेवा कहते हैं।

**नर्मदा की विशेषताएं:**

**पश्चिम की ओर:**

भारत की अधिकांश नदियां पूर्व की ओर बहती हैं, लेकिन नर्मदा **पश्चिम की ओर** बहती है।

पश्चिम की ओर बहने वाली प्रमुख नदियां:
- नर्मदा
- ताप्ती

**ओंकारेश्वर द्वीप:**

नर्मदा पर **ॐ (ओम) के आकार** का एक द्वीप है। इस द्वीप पर **ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग** स्थित है।

**नर्मदा परिक्रमा:**

नर्मदा परिक्रमा (नर्मदा की पूरी नदी के किनारे घूमना) अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।

**परिक्रमा विधि:**
- **दूरी:** लगभग 2,600 किमी (दोनों किनारे)
- **समय:** 3-4 वर्ष (पैदल)
- **नियम:**
- एक किनारे से जाओ, दूसरे से वापस आओ
- नदी को पार करते समय नाव का उपयोग
- नर्मदा के पत्थर (नर्मदेश्वर शिवलिंग) की पूजा

**पुण्य फल:**
- सभी पापों का नाश
- मोक्ष की प्राप्ति
- शिव का आशीर्वाद

**नर्मदा की महिमा:**

**दर्शन से पाप नष्ट:**

कहा जाता है कि:
- गंगा में **स्नान** से पाप नष्ट होते हैं
- नर्मदा के **दर्शन मात्र** से पाप नष्ट होते हैं

**नर्मदा स्तुति:**
"त्वदीय पादोदकं, नर्मदे, हरति पापम्"
(नर्मदा का जल पापों को हर लेता है)

**प्रमुख तीर्थ:**

१. **अमरकंटक** - उद्गम स्थल
२. **ओंकारेश्वर** - ज्योतिर्लिंग
३. **महेश्वर** - होलकर घाट
४. **मंडलेश्वर**
⑤. **भेड़ाघाट** - संगमरमर की चट्टानें (जबलपुर)

**नर्मदा के पत्थर:**

नर्मदा के तट पर मिलने वाले पत्थरों को **नर्मदेश्वर शिवलिंग** कहा जाता है।

**विशेषता:**
- प्राकृतिक शिवलिंग
- बिना प्राण प्रतिष्ठा के पूजा योग्य
- अत्यंत पवित्र

**महत्वपूर्ण तथ्य:**

- मध्य भारत की पवित्रतम नदी
- शिव की पुत्री (रेवा)
- अमरकंटक से उद्गम
- 1,312 किमी लंबी
- पश्चिम की ओर बहती है
- ओंकारेश्वर द्वीप पर ज्योतिर्लिंग
- नर्मदा परिक्रमा पुण्यदायी
- दर्शन से पाप नष्ट
- नर्मदेश्वर शिवलिंग प्रसिद्ध

🙏 जय नर्मदे हर 🙏
🙏 नमो नर्मदे 🙏