गोदावरी नदी | दक्षिण गंगा और गौतम ऋषि की तपस्या
गोदावरी दक्षिण की सबसे बड़ी नदी। दक्षिण गंगा। गौतम ऋषि की तपस्या। त्र्यंबकेश्वर उद्गम। 1,465 किमी। बंगाल की खाड़ी। नासिक कुंभ मेला। पं...
पढ़ें →भारतीय संस्कृति में नदियों को देवी का दर्जा प्राप्त है। ये नदियां केवल जल स्रोत नहीं हैं बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का माध्यम भी हैं। गंगा नदी सबसे पवित्र मानी जाती है जो हिमालय से निकलकर बंगाल की खाड़ी में मिलती है। मान्यता है कि गंगा स्नान से सभी पाप धुल जाते हैं। यमुना नदी भगवान कृष्ण से जुड़ी हुई है। सरस्वती अदृश्य नदी है जो प्रयागराज में गंगा-यमुना से मिलती है। नर्मदा नदी जिसकी परिक्रमा करना अत्यंत पुण्यदायी है। गोदावरी को दक्षिण की गंगा कहा जाता है। कावेरी दक्षिण भारत की प्रमुख पवित्र नदी है। सिंधु नदी से भारत का नाम पड़ा। प्रत्येक नदी की अपनी उत्पत्ति कथा, महत्व और तीर्थ स्थल हैं। यहां आपको सभी पवित्र नदियों का विस्तृत विवरण मिलेगा।
गोदावरी दक्षिण की सबसे बड़ी नदी। दक्षिण गंगा। गौतम ऋषि की तपस्या। त्र्यंबकेश्वर उद्गम। 1,465 किमी। बंगाल की खाड़ी। नासिक कुंभ मेला। पं...
पढ़ें →नर्मदा मध्य भारत की पवित्र नदी। शिव की पुत्री रेवा। अमरकंटक से उद्गम। 1,312 किमी। पश्चिम की ओर। नर्मदा परिक्रमा पुण्यदायी। ओंकारेश्वर ...
पढ़ें →सरस्वती अदृश्य पौराणिक नदी। वैदिक काल में पवित्रतम। ऋग्वेद में उल्लेख। भूमिगत बहती है। त्रिवेणी संगम में मिलती है। ज्ञान की देवी। प...
पढ़ें →यमुना गंगा की सहायक नदी। सूर्य की पुत्री। यम की बहन। यमुनोत्री से प्रयागराज। 1,376 किमी। कृष्ण की लीलाएं। कालिया दमन। मथुरा-वृंदावन। भा...
पढ़ें →गंगा भारत की सबसे पवित्र नदी। भगीरथ की तपस्या से स्वर्ग से धरती पर आई। शिव की जटाओं से उतरी। गोमुख से बंगाल की खाड़ी तक। 2,525 किमी लंबी। प...
पढ़ें →देवप्रयाग पंच प्रयाग का पांचवां संगम। सबसे पवित्र। अलकनंदा और भागीरथी मिलकर गंगा बनती है। 618 मीटर ऊंचाई। रघुनाथ मंदिर 10,000 वर्ष पुराना...
पढ़ें →रुद्रप्रयाग पंच प्रयाग का चौथा संगम। 895 मीटर ऊंचाई। अलकनंदा और मंदाकिनी मिलन। शिव ने नारद को संगीत सिखाया। रुद्रनाथ मंदिर यहां। केदा...
पढ़ें →कर्णप्रयाग पंच प्रयाग का तीसरा संगम। 840 मीटर ऊंचाई। अलकनंदा और पिंडर मिलन। कर्ण की तपोभूमि। उमा देवी मंदिर। बद्रीनाथ-केदारनाथ जंक्श...
पढ़ें →नंदप्रयाग पंच प्रयाग का दूसरा संगम। 900 मीटर पर। अलकनंदा और नंदाकिनी मिलन। राजा नंद के नाम पर। गोपाल मंदिर यहां। कर्णप्रयाग से 21 किमी। ...
पढ़ें →विष्णुप्रयाग पंच प्रयाग का पहला संगम है। 1,372 मीटर की ऊंचाई पर। अलकनंदा और धौलीगंगा का मिलन। सबसे ऊंचा प्रयाग। विष्णु मंदिर यहां है। जो...
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