परिचय
Kanchipuram is the most ancient and sacred city of Tamil Nadu known as the city of thousand temples. It is the most important pilgrimage of South India and holds the fifth place among the Sapta Puri - seven cities that grant Moksha.
कांचीपुरम - दक्षिण भारत की मोक्षदायिनी नगरी | सप्त पुरी पवित्र तीर्थ
कांचीपुरम - हजार मंदिरों की पवित्र नगरी
कांचीपुरम तमिलनाडु राज्य में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र नगरी है। हिंदू धर्म की सात मोक्षदायिनी नगरियों (सप्त पुरी) में कांचीपुरम को पंचम स्थान प्राप्त है। इसे "हजार मंदिरों की नगरी" भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ असंख्य प्राचीन मंदिर स्थित हैं।
कांचीपुरम को "काँची" भी कहा जाता है और यह दक्षिण भारत का सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। यह नगरी शैव, वैष्णव और शाक्त तीनों सम्प्रदायों के लिए समान रूप से पवित्र है। आदि शंकराचार्य ने यहाँ कांची कामकोटि पीठ की स्थापना की थी।
कांचीपुरम के प्रमुख दर्शनीय स्थल
1. कामाक्षी अम्मन मंदिर
कामाक्षी अम्मन मंदिर कांचीपुरम का सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंदिर है। यह 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहाँ माता कामाक्षी की पूजा होती है जो इच्छाएँ पूर्ण करने वाली देवी हैं। महाशिवरात्रि और नवरात्रि पर यहाँ विशेष उत्सव होते हैं।
2. एकाम्बरेश्वर मंदिर
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और पंच भूत स्थलों में से एक है जहाँ शिव पृथ्वी तत्व के रूप में विराजमान हैं। इस मंदिर का गोपुरम 59 मीटर ऊँचा है। मंदिर परिसर में एक प्राचीन आम का पेड़ है जो 3500 वर्ष से अधिक पुराना माना जाता है।
3. वरदराज पेरुमल मंदिर
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और वैष्णव सम्प्रदाय के 108 दिव्य देसम में से एक है। यहाँ भगवान विष्णु वरदराज रूप में विराजमान हैं। इस मंदिर की द्रविड़ शैली की वास्तुकला अद्वितीय है।
4. कैलासनाथ मंदिर
कैलासनाथ मंदिर कांचीपुरम का सबसे प्राचीन मंदिर है जो 8वीं शताब्दी में पल्लव राजाओं द्वारा बनाया गया था। यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला और शिल्पकारी के लिए प्रसिद्ध है।
5. कुमारकोट्टम मंदिर
यह मंदिर भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित है। यहाँ भगवान मुरुगन की बालरूप में पूजा होती है। यह मंदिर कांचीपुरम के प्रमुख मंदिरों में से एक है।
6. कांची कामकोटि पीठ
आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित यह मठ हिंदू धर्म के चार प्रमुख पीठों में से एक है। यहाँ के शंकराचार्य हिंदू धर्म के सर्वोच्च धार्मिक गुरुओं में गिने जाते हैं।
कांचीपुरम कैसे पहुँचें
वायुमार्ग: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे नजदीक है जो कांचीपुरम से 75 किमी दूर है।
रेलमार्ग: कांचीपुरम रेलवे स्टेशन चेन्नई से सीधे जुड़ा हुआ है।
सड़कमार्ग: चेन्नई से 75 किमी, वेल्लोर से 90 किमी, पुदुचेरी से 100 किमी।
कांचीपुरम दर्शन का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च का समय कांचीपुरम यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। महाशिवरात्रि, नवरात्रि, ब्रह्मोत्सव और कार्तिक माह में यहाँ विशेष उत्सव होते हैं। कांचीपुरम रेशमी साड़ियाँ भी विश्वप्रसिद्ध हैं जिन्हें यात्रा के दौरान खरीदा जा सकता है।
कांचीपुरम का धार्मिक महत्व
कांचीपुरम को "दक्षिण की काशी" भी कहा जाता है। यह नगरी शैव और वैष्णव दोनों सम्प्रदायों के लिए समान रूप से पवित्र है इसीलिए इसे "सर्वतीर्थ" भी कहते हैं। यहाँ दर्शन मात्र से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आदि शंकराचार्य ने कहा था कि कांचीपुरम की यात्रा से मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है।